धर्मशाला कॉलेज में ‘संगम’ ने बिखेरे लोक संस्कृति के रंग, देशभर के लोक नृत्यों से सजा मंच

28 सितम्बर, तरसेम जरयाल : राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित Tourizmo Trigarth Carnival 2026 के तहत शनिवार को महाविद्यालय परिसर में ‘संगम—भारतीय लोक नृत्य एवं संगीत महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सौजन्य से नेशनल यूथ डेवलपमेंट सेंटर द्वारा राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के Tour & Travel तथा B.Voc विभाग के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में भारतीय लोक संस्कृति, संगीत और नृत्य की विविध छटाएं देखने को मिलीं।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के हिंदी एवं भाषा विभाग के डॉ. मलकियत सिंह तथा राजकीय महाविद्यालय नगरोटा बगवां के वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह विशिष्ट अतिथि रहे। HPU Regional Centre के डॉ. गौरव कटोच, डॉ. यथार्थ और नेशनल यूथ डेवलपमेंट सेंटर के करण भूषण सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और पारंपरिक वंदना के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों एवं कलाकारों ने वंदे मातरम् की प्रस्तुति दी। Tour & Travel विभाग के डॉ. अमित कटोच ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महोत्सव के उद्देश्य और कार्निवल की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

‘संगम’ महोत्सव के दौरान सभागार भारतीय संस्कृति के विविध रंगों से सराबोर हो गया। सोलो, डुएट और ग्रुप डांस की प्रस्तुतियों में देश के अलग-अलग राज्यों की लोक संस्कृति और नृत्य परंपराओं की झलक देखने को मिली। पारंपरिक लोक नृत्य, संगीत और रंग-बिरंगी वेशभूषाओं ने दर्शकों का मन मोह लिया। हिमाचली नाटी और गद्दी लोकनृत्य के साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों की लोक परंपराओं की प्रस्तुतियां कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहीं।

इस अवसर पर Tourizmo Trigarth Carnival 2026 के तहत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि प्रो. राकेश पठानिया ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि कार्निवल में उनकी उत्साहपूर्ण भागीदारी सराहनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने के साथ तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में सहायक होती है। महोत्सव का उद्देश्य भारतीय लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं को संरक्षित करने के साथ युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।

प्रतियोगिताओं में निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. मोनिका मक्कड और डॉ. पूजा दीवान ने निभाई। कार्यक्रम में उपप्राचार्य डॉ. संजय जसरोटिया, डॉ. प्रवेश गिल सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, B.Voc एवं Tour & Travel विभाग के शिक्षक, अतिथिगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Tourizmo Trigarth Carnival 2026 विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ आयोजन एवं प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर भी बन रहा है। कार्निवल के दौरान विद्यार्थी प्रतियोगिताओं के साथ उनके आयोजन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इससे उन्हें नेतृत्व, टीमवर्क, आयोजन प्रबंधन और सांस्कृतिक समझ जैसे कौशल विकसित करने का अवसर मिल रहा है।

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