सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य : विक्रमादित्य सिंह

7 सितंबर: शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत दूधालटी में ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ को लेकर विशेष संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ का शुभारंभ आगामी 2 अक्टूबर को किया जाएगा। योजना के तहत टूटू विकास खंड से करीब 782 परिवारों का चयन किया गया है। पात्र परिवारों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 20 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और उन्हें सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाई जाए।

उन्होंने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य पात्र परिवारों को केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से एकीकृत रूप से जोड़ना है। इसके माध्यम से महिलाओं, बुजुर्गों, पेंशनधारकों और अन्य जरूरतमंद वर्गों को उपलब्ध सुविधाओं एवं योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजनाओं की जानकारी देने के साथ लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी सहयोग करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि लोगों से प्राप्त सुझावों के आधार पर योजना को बेहतर बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में करीब 900 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रदेश सरकार की योजनाओं और उनके लाभों की जानकारी दी। इस दौरान लोगों ने मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं भी रखीं, जिनके प्राथमिकता के आधार पर समाधान के लिए उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

सरकार की ओर से कराए गए सर्वेक्षण के बाद प्रदेश में करीब 1.80 लाख अति निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों की पहचान की गई है। योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि प्रत्येक चयनित परिवार की वास्तविक जरूरत का आकलन कर उसे उपयुक्त सरकारी योजनाओं से जोड़ना है। अगले दो वर्षों में चयनित परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए विशेष तंत्र के माध्यम से कार्य किया जाएगा।

योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिमाह 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली तथा पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। इसके अलावा पक्के मकान से वंचित पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए वित्तीय सहायता से जोड़ने की व्यवस्था भी की गई है।

पात्र परिवारों के चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला, उपमंडल और विकास खंड स्तर पर प्रक्रिया निर्धारित की गई है। चयन प्रक्रिया में उपायुक्त, एसडीएम और बीडीओ की भूमिका तय की गई है तथा अपात्र परिवारों के चयन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

वर्तमान चरण में ऐसे परिवारों को भी आवेदन का अवसर दिया जा रहा है, जिनमें 27 वर्ष से कम आयु का बेसहारा व्यक्ति अथवा 59 वर्ष से अधिक आयु का वृद्धजन, विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला हो अथवा परिवार का मुखिया 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाला हो। इस चरण में परिवार की वार्षिक आय सीमा 75 हजार रुपये निर्धारित की गई है। पात्र परिवार ग्राम पंचायत, विकास खंड कार्यालय या एसडीएम (सिविल) कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन, सत्यापन और अनुशंसा की प्रक्रिया 20 सितंबर 2026 तक पूरी की जानी है।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। पात्र परिवारों की वास्तविक जरूरतों की पहचान कर उन्हें एकीकृत रूप से सहायता उपलब्ध करवाने से उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, खंड विकास अधिकारी बृजेश भारद्वाज, जिला परिषद सदस्य प्रियंका तंवर, बीडीसी चेयरमैन टूटू जीत सिंह ठाकुर, स्थानीय प्रधान नीलम, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी टूटू अध्यक्ष एवं उपप्रधान देवेंद्र ठाकुर, पूर्व प्रधान सुनील कुमार, यूथ ब्लॉक अध्यक्ष प्रवीण पन्नू, प्रधान अनीता सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।

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