5 सितंबर: मंडी जिला प्रशासन के डीआरडीए हॉल में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद कंगना रनौत ने विकास कार्यों में हो रही देरी और सांसद निधि के कम खर्च पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि केंद्र से बजट स्वीकृत करवाना सांसद की जिम्मेदारी है, जिसे वह पूरा कर रही हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक ढिलाई के कारण जनता के काम लंबित हैं।
बैठक में सामने आया कि केंद्र से करीब 11 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत करवाया गया है। मंडी क्षेत्र के लिए आवंटित करीब 5.5 करोड़ रुपये में से मार्च-अप्रैल तक केवल 50 से 60 लाख रुपये ही खर्च हो पाए। इस पर नाराजगी जताते हुए कंगना ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि आखिर जनता के लिए स्वीकृत पैसा धरातल पर क्यों नहीं पहुंच रहा।
विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की समीक्षा के दौरान कई योजनाओं में काम की रफ्तार बेहद धीमी पाए जाने पर सांसद ने अधिकारियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें अधिकारियों का कार्यालय एक दिन के लिए मिल जाए तो वह खुद काम करके दिखा देंगी।
कंगना ने सोशल मीडिया पर विकास कार्यों को लेकर होने वाली आलोचनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में काम न होने के कारण जब उनकी आलोचना होती है और रील्स बनाई जाती हैं, तो कुछ अधिकारी कार्यालयों में बैठकर हंसते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों की कार्यशैली की पोल देश के सामने खोल दी जाए तो इससे प्रदेश की बदनामी होगी।
बैठक के अंत में सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल पत्राचार और कागजी कार्रवाई से काम पूरा नहीं माना जाएगा। उन्होंने धीमी प्रगति वाले विभागों और अधिकारियों को चिन्हित करने तथा बिना काम के रोकी गई राशि को जल्द रिकवर करने के निर्देश दिए।