3 सितम्बर: शाहपुर स्थित हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज़ के विधि विभाग के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक भ्रमण के तहत शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश विधानसभा और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय का दौरा किया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को विधायी एवं न्यायिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना रहा।
यह शैक्षणिक भ्रमण सह आचार्य विजय कुमार और सह आचार्या शगुन पटियाल की देखरेख में तथा विधि विभाग की प्राचार्या डॉ. अनुपम मन्हास के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। विधानसभा के दौरे के दौरान विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही, विधायी प्रक्रिया, प्रश्नकाल और संसदीय गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल की।
विद्यार्थियों ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से मुलाकात कर सदन की कार्यप्रणाली को समझा। इसके अलावा विधायक केवल सिंह पठानिया से भी विद्यार्थियों की मुलाकात हुई। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था, विधायी प्रक्रिया और जनप्रतिनिधियों की भूमिका से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न कानूनी एवं सामाजिक विषयों पर भी चर्चा की।
इसके बाद विद्यार्थियों ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय का दौरा किया। यहां उन्होंने न्यायालय की कार्यप्रणाली, न्यायिक प्रक्रिया, विभिन्न न्यायिक शाखाओं और मामलों की सुनवाई से संबंधित जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया से संवाद करने का अवसर भी मिला। उन्होंने न्यायिक व्यवस्था, कानून के क्षेत्र में व्यावसायिक जिम्मेदारियों और एक कुशल विधि व्यवसायी के लिए आवश्यक गुणों के बारे में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक विधायी और न्यायिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली से जोड़ने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने इस भ्रमण को ज्ञानवर्धक और उपयोगी अनुभव बताया।
प्राचार्या डॉ. अनुपम मन्हास ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे उन्हें कानून, लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलता है तथा एक कुशल विधि व्यवसायी बनने के लिए आवश्यक व्यावहारिक समझ विकसित होती है।