28 अगस्त: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध करवाने के साथ जलापूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए डिजिटल तकनीक को बढ़ावा दे रही है। इसी कड़ी में मंडी शहर में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए जल शक्ति विभाग सितंबर में ‘हिम जलदूत मंडी’ मोबाइल ऐप लॉन्च करेगा। यह ऐप नगर निगम मंडी के 13 वार्डों के करीब 10,900 उपभोक्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ेगा।
उपमुख्यमंत्री ने मंडी के सर्किट हाउस में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में चल रही विभिन्न नई और उन्नयन योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शिकायतों को ऑनलाइन करना नहीं, बल्कि पूरी जलापूर्ति व्यवस्था को उपभोक्ता केंद्रित और जवाबदेह बनाना है।
‘हिम जलदूत मंडी’ ऐप के माध्यम से उपभोक्ताओं को पानी की सप्लाई, गुणवत्ता, लीकेज, सीवरेज और शिकायतों से जुड़ी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी। ऐप में पेयजल की गुणवत्ता का लाइव स्टेटस भी उपलब्ध होगा। उपभोक्ता पानी में क्लोरीन की मात्रा, पीएच वैल्यू और टर्बिडिटी की स्थिति घर बैठे देख सकेंगे।
इसके अलावा क्षेत्रवार पानी की सप्लाई का शेड्यूल और वर्तमान स्थिति की जानकारी मोबाइल नोटिफिकेशन के जरिए मिलेगी। पाइपलाइन टूटने, लीकेज या सीवरेज की समस्या होने पर उपभोक्ता फोटो और जियो-टैग लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज कर सकेंगे। शिकायत की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी, जिससे शिकायत निवारण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
ऐप के जरिए जल रक्षकों और स्लूस वाल्व की भी ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। जल रक्षक निर्धारित वाल्व की जियो लोकेशन पर पहुंचेगा, तभी ऐप पर वाल्व खोलने का स्टेटस दर्ज हो सकेगा। वाल्व खुलने के बाद संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को पानी की सप्लाई शुरू होने की सूचना मोबाइल पर प्राप्त होगी।
जल शक्ति विभाग के अनुसार इस डिजिटल सिस्टम में मंडी शहर के प्रमुख जल स्रोत ढांगसीधार और कांगनीधार को भी जोड़ा गया है। इन स्रोतों से शहर में स्थापित करीब 20 टैंकों को पानी की आपूर्ति होती है। इससे जल स्रोत से लेकर टैंक और फिर उपभोक्ता तक पानी की पूरी व्यवस्था की डिजिटल निगरानी संभव होगी।
ऐप का इस्तेमाल केवल पंजीकृत उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी ‘गेस्ट यूजर’ के रूप में कर सकेंगे। सड़क या सार्वजनिक स्थान पर पानी की बर्बादी, पाइपलाइन लीकेज अथवा सीवरेज की समस्या दिखाई देने पर कोई भी व्यक्ति फोटो और लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज करवा सकेगा।