17 अगस्त: डीएसपी हेडक्वार्टर शिमला विजय कुमार की ओर से जाति आधारित कथित अत्याचार और भेदभाव को लेकर की गई शिकायत पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने 20 अगस्त को सुनवाई तय की है। आयोग ने हिमाचल प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह एवं सतर्कता) और पुलिस महानिदेशक को नई दिल्ली स्थित आयोग के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
आयोग की ओर से जारी नोटिस के अनुसार मामले की सुनवाई दोपहर 12 बजे लोकनायक भवन, खान मार्केट, नई दिल्ली स्थित आयोग के कोर्ट रूम में होगी। आयोग के सदस्य डॉ. पार्थ बिस्वास मामले की सुनवाई करेंगे।
शिकायत में डीएसपी विजय कुमार ने आरोप लगाया है कि उनके साथ जानबूझकर जाति आधारित अत्याचार और भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया। उन्होंने बिना पर्याप्त कारण सरकारी वाहन वापस लेने, रीढ़ की गंभीर चोट और चिकित्सीय स्थिति के बावजूद उन्हें दूरस्थ एवं कठिन क्षेत्र में तैनात करने तथा उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई के प्रस्तावों को बार-बार आगे बढ़ाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उनके पक्ष में या उनकी शिकायतों से जुड़े महत्वपूर्ण गवाहों को कथित तौर पर डराने, बदनाम करने और प्रताड़ित करने का प्रयास किया गया तथा उन्हें संस्थागत रूप से अलग-थलग करने का माहौल बनाया गया।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने राज्य सरकार और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की पूरी जानकारी और अब तक की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड पेश करने को कहा है। साथ ही संबंधित दस्तावेज, फाइलें और केस डायरी भी सुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग इन दस्तावेजों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ाएगा और संबंधित पक्षों का पक्ष सुनेगा।