15 अगस्त: हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एरियर भुगतान को लेकर की गई घोषणा पर खेद जताया है। उन्होंने कहा कि 13 मई 2026 को सचिवालय में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने संयुक्त संघर्ष समिति को आश्वासन दिया था कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए सभी पेंशनरों को उनकी कुल बकाया राशि का 40 प्रतिशत भुगतान 31 जुलाई 2026 से पहले कर दिया जाएगा। साथ ही महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की एक-दो किश्तों का भुगतान करने का भी आश्वासन दिया गया था।
सुरेश ठाकुर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा में केवल 15 प्रतिशत और 30 प्रतिशत एरियर अलग-अलग देने की बात कही गई है। इसमें क्लास-1 और क्लास-2 पेंशनरों को 15 प्रतिशत तथा क्लास-3 पेंशनरों को 30 प्रतिशत एरियर देने की घोषणा की गई है। उन्होंने इसे पूर्व में दिए गए आश्वासन के विपरीत बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश के पेंशनरों में भारी रोष और निराशा पैदा हुई है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और पेंशनरों को महंगाई राहत की किश्तें नहीं मिलने के कारण भी कर्मचारियों और पेंशनरों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो अपने हक और अधिकारों के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
सुरेश ठाकुर ने बताया कि 8 अगस्त 2026 को शाहपुर में हुई बैठक में पहले ही निर्णय लिया जा चुका है कि अक्टूबर के पहले सप्ताह से प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि समिति सरकार द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी किए जाने के बाद ही अपनी पूरी प्रतिक्रिया देगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा एरियर को लेकर की गई घोषणा को आधी-अधूरी बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने सरकार से मांग की कि अभी भी समय है कि सभी क्लास-1, क्लास-2 और क्लास-3 पेंशनरों को कुल बकाया राशि का 40 प्रतिशत भुगतान करने की अधिसूचना जारी की जाए। इसके साथ ही महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की किश्तें जारी करने की अधिसूचना भी जारी की जाए, ताकि पेंशनरों में बढ़ते रोष को शांत किया जा सके।