श्री नयनादेवी जी में श्रावण अष्टमी नवरात्र मेला कल से, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

12 अगस्त: विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी में 13 से 22 अगस्त तक आयोजित होने वाले श्रावण अष्टमी नवरात्र मेले को लेकर जिला प्रशासन और मंदिर न्यास ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। इस बार नवरात्र मेला पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन मेले के रूप में आयोजित किया जा रहा है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए माता का दरबार प्रतिदिन करीब साढ़े 22 घंटे खुला रहेगा। मंदिर के कपाट केवल मध्यरात्रि 12 बजे से रात 1:30 बजे तक बंद रहेंगे। मंदिर परिसर तक नहीं पहुंच पाने वाले तथा कतार में खड़े श्रद्धालुओं के लिए मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर तीन बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, जिनके माध्यम से माता की पवित्र पिंडी के लाइव दर्शन करवाए जाएंगे। बारिश और धूप से बचाव के लिए करीब एक हजार श्रद्धालुओं की क्षमता वाला विशाल जर्मन हैंगर टेंट भी स्थापित किया गया है।

सुरक्षा और कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को नौ सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में सेक्टर मैजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी की तैनाती की गई है। एडीसी बिलासपुर को मेला अधिकारी, एएसपी बिलासपुर को पुलिस मेला अधिकारी तथा डीएसपी श्री नयनादेवी जी को सहायक पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। मेले के दौरान 400 से अधिक पुलिस एवं सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे। पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी और आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम भी तैनात रहेगी। बस अड्डे से मुख्य मंदिर तक श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए छह बैरिकेड्स लगाए गए हैं। इसके अलावा पंजाब से पहुंचे करीब 300 स्वयंसेवक भी श्रद्धालुओं की सहायता के लिए सेवाएं देंगे।

मेले में लंगर लगाने के लिए ऑनलाइन अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने मेले को पूरी तरह पॉलीथिन मुक्त रखने का निर्णय लिया है और लंगर संचालकों को सफाई व्यवस्था समेत सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य और खाद्य आपूर्ति विभाग की टीमें नियमित रूप से सैंपलिंग करेंगी।

श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए छह स्थायी एवं अस्थायी चिकित्सा सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। मेला अवधि के दौरान 24 घंटे पेयजल और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी प्रबंध किए गए हैं।

नवरात्र के अवसर पर माता का दरबार आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। पंजाब के खन्ना की एक समाजसेवी संस्था द्वारा मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और 20 क्विंटल से अधिक ताजे फूलों से सजाया जा रहा है। सजावट के कार्य को अंतिम रूप देने के लिए पंजाब से आए करीब 20 विशेष कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं।

मंदिर न्यास के अध्यक्ष एवं एसडीएम धर्मपाल ने बताया कि श्रावण अष्टमी नवरात्र मेले के लिए सभी संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और मेला शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न करवाया जाए।

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