8 अगस्त, अभिषेक मिश्रा : उम्र महज एक संख्या है और अगर हौसले बुलंद हों तो जीवन के किसी भी पड़ाव पर सफलता की नई कहानी लिखी जा सकती है। बिलासपुर की बेटी सुषमा शर्मा ने 67 वर्ष की उम्र में इस बात को साबित करते हुए देशभर की महिलाओं के लिए प्रेरणादायक मिसाल कायम की है।
दिवा पेजेंट्स द्वारा आयोजित ‘मिस/मिसेज इंडिया—एम्प्रेस ऑफ द नेशन’ प्रतियोगिता के 55 वर्ष एवं इससे अधिक आयु वर्ग के प्लेटिनम वर्ग में सुषमा शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का ताज अपने नाम किया। वर्ष 2024 में भी वह इसी प्रतियोगिता में शामिल हुई थीं, जहां उन्हें उपविजेता का स्थान मिला था। हालांकि, उन्होंने उस परिणाम को अपनी मंजिल नहीं माना और लगातार प्रयास जारी रखा। इस बार उन्होंने दोबारा प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और विजेता बनकर अपनी मेहनत को मुकाम तक पहुंचाया।
प्रतियोगिता का आयोजन अंजना मस्कारेन्हास और कार्ल मस्कारेन्हास के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने अपने व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, प्रतिभा और जीवन के अनुभवों का प्रदर्शन किया। सुषमा शर्मा ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति और व्यक्तित्व से निर्णायकों को प्रभावित करते हुए प्लेटिनम वर्ग का खिताब हासिल किया।
सुषमा शर्मा की पहचान केवल सौंदर्य प्रतियोगिता की विजेता के रूप में नहीं है। वह आर्ट ऑफ लिविंग की अंतरराष्ट्रीय शिक्षिका हैं और लंबे समय से आध्यात्मिकता, ध्यान, योग तथा सकारात्मक जीवनशैली के माध्यम से लोगों को प्रेरित कर रही हैं। पुणे और बिलासपुर में विभिन्न गतिविधियों से जुड़ी सुषमा शर्मा समाजसेवा में भी सक्रिय हैं। वह जरूरतमंदों की सहायता करने के साथ लोगों को मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और बेहतर जीवनशैली के लिए प्रेरित करती रही हैं।
उनकी उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह केवल एक प्रतियोगिता की जीत नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, साधना, सेवा और निरंतर प्रयास की जीत है। वर्ष 2024 में उपविजेता रहने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और दो साल बाद उसी मंच पर विजेता बनकर अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया।
सुषमा शर्मा का परिवार भी अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय पहचान रखता है। उनके पति भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी रहे हैं और सीमा शुल्क विभाग में मुख्य आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी बेटी चांदनी चिकित्सक हैं, जबकि पुत्र पार्थ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले छायाचित्रकार हैं। परिवार की उपलब्धियों के बीच सुषमा शर्मा ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और व्यक्तित्व के बल पर अलग पहचान बनाई है।
बिलासपुर की बेटी की यह सफलता हिमाचल प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है। राष्ट्रीय स्तर के मंच पर विजेता बनकर सुषमा शर्मा ने अपने शहर और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनका सफर यह संदेश देता है कि सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती और निरंतर मेहनत व आत्मविश्वास के साथ किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
67 वर्ष की उम्र में ‘एम्प्रेस ऑफ द नेशन’ का ताज जीतकर सुषमा शर्मा ने साबित कर दिया है कि उम्र कभी प्रतिभा और हौसले की राह में बाधा नहीं बन सकती। उनकी यह उपलब्धि बिलासपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश की उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को किसी भी उम्र में नई उड़ान देना चाहती हैं।