8 अगस्त , अभिषेक मिश्रा : समाजसेवा और स्वैच्छिक रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बिलासपुर के ‘स्वस्थ ब्रह्मांड’ ग्रुप को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। शिमला स्थित लोक भवन में आयोजित विशेष समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री कोविंद जी ने ग्रुप को ‘नेशनल सोशल इम्पैक्ट अवार्ड’ और ‘सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन’ प्रदान किया। इस दौरान ग्रुप के स्वयंसेवकों को भी सम्मानित किया गया।
NIFAA की ओर से आयोजित समारोह में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने और ‘संवेदना-2’ अभियान के तहत रक्तदान शिविर आयोजित करने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सामाजिक संगठनों, समूहों, स्वयंसेवकों और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
‘स्वस्थ ब्रह्मांड’ ग्रुप ने NIFAA के सहयोग से बिलासपुर में 23 मार्च 2026 को शहीदी दिवस और 15 अप्रैल 2026 को हिमाचल दिवस के अवसर पर दो रक्तदान शिविर आयोजित किए। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर अन्य सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर भी रक्तदान शिविर लगाए गए।
ग्रुप के स्वयंसेवक जरूरतमंद मरीजों के लिए लगातार रक्तदाताओं की व्यवस्था कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में भर्ती मरीजों के तीमारदारों की आपातकालीन कॉल या अनुरोध पर स्वयंसेवकों ने रक्तदाताओं की व्यवस्था की। वर्ष 2025 के दौरान इस पहल के माध्यम से 100 से अधिक यूनिट रक्त जरूरतमंद मरीजों को उपलब्ध करवाया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से स्वैच्छिक रक्तदान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी इंसान की जान बचाने से बड़ी कोई सेवा नहीं है। चिकित्सा विज्ञान में लगातार प्रगति के बावजूद मानव रक्त का आज भी कोई विकल्प नहीं है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रतिभागियों को ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत ‘नशा-मुक्त भारत’ की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि नशा-मुक्त भारत की पहल केवल एक अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए एक जन-आंदोलन है।
राज्यपाल ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए NIFAA के प्रयासों की सराहना की। वहीं, ‘स्वस्थ ब्रह्मांड’ ग्रुप ने जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध करवाने वाले सभी रक्तदाताओं का आभार जताया। ग्रुप ने कहा कि रक्तदान सामाजिक जिम्मेदारी के साथ किसी जरूरतमंद को जीवन देने का मानवीय प्रयास भी है।