8 अगस्त: भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय एससी-एसटी हब की ओर से पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी में उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मंडी और आसपास के क्षेत्रों से 100 से अधिक वर्तमान एवं भावी एससी-एसटी उद्यमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों को राष्ट्रीय एससी-एसटी हब योजना तथा एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना रहा। इसके अलावा केंद्र सरकार की सार्वजनिक खरीद नीति के तहत एससी/एसटी स्वामित्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए उपलब्ध अवसरों के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
उद्यमियों को उद्यम पंजीकरण, विक्रेता पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, ई-टेंडरिंग, सरकारी खरीद प्रक्रिया, ऋण एवं वित्तीय सहायता, बैंकिंग सुविधाओं, सब्सिडी और व्यवसाय विस्तार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय सोलन, भारतीय रिजर्व बैंक शिमला, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड नंगल, एसजेवीएन, भारतीय खाद्य निगम, बीबीएमबी, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस, पंजाब नेशनल बैंक, जिला उद्योग केंद्र मंडी, एनएसआईसी तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र, हिमाचल प्रदेश एससी-एसटी विकास निगम तथा आरसेटी सहित विभिन्न संस्थानों के अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय एससी-एसटी हब लुधियाना के शाखा प्रभारी सूर्य भूषण ने स्वागत संबोधन में केंद्र सरकार की सार्वजनिक खरीद नीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के लिए कुल खरीद का 4 प्रतिशत एससी/एसटी स्वामित्व वाले एमएसई और 3 प्रतिशत महिला स्वामित्व वाले एमएसई से करना अनिवार्य है।
कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों को विभिन्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों, वित्तीय संस्थानों और एमएसएमई से जुड़े विभागों के अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर भी मिला। तकनीकी सत्रों में सरकारी खरीद, विक्रेता पंजीकरण, वित्तीय सहायता और ई-मार्केटप्लेस से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी देकर उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया।