8 अगस्त: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शोध के माध्यम से मरीजों के उपचार को और प्रभावी बनाया जा सकता है। प्रथम चरण में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में एक समर्पित शोध विभाग स्थापित किया जाएगा। इसके बाद इस व्यवस्था को प्रदेश के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में भी लागू किया जाएगा।
बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों में डायग्नोस्टिक सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों को समय पर और सटीक जांच सुविधाएं मिलना जरूरी है, ताकि बीमारी का जल्द पता लगाकर उपचार शुरू किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने एमआरआई, सीटी स्कैन और एक्स-रे जैसी आवश्यक जांच सुविधाएं मरीजों को बिना प्रतीक्षा के तत्काल उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल में ही लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है, ताकि गंभीर उपचार के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।
बैठक में विधायक कुलदीप सिंह राठौर, हरीश जनारथा, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।