7 अगस्त: जिला परिषद मंडी की पहली त्रैमासिक बैठक शुक्रवार को जिला परिषद सम्मेलन कक्ष, भ्यूली में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष अमरू राम ने की। उन्होंने सभी जिला परिषद सदस्यों का स्वागत करते हुए सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी के लिए उनका आभार जताया।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के एजेंडे पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा जिला परिषद सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विकासात्मक और जनहित के विभिन्न मुद्दों को सदन के समक्ष रखा।
अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रियांशु खाती ने भी सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान ग्रामीण विकास, निर्माण कार्यों, पंचायतों में चल रही गतिविधियों तथा आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। जिला परिषद सदस्यों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं और आवश्यकताओं को प्रमुखता से उठाते हुए उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय की मांग रखी।
सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों ने आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाई और विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति से सदन को अवगत करवाया। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी भी साझा की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना और आम लोगों की समस्याओं का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना रहा।
जिला परिषद सचिव अंचित डोगरा ने बताया कि जिला परिषद की बैठकों के माध्यम से सदस्यों को अपने क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं और विकासात्मक मुद्दों को सदन में रखने का अवसर मिलता है। इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
बैठक में जिला परिषद उपाध्यक्ष बोदी देवी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जिला परिषद सदस्य मौजूद रहे।