4 अगस्त: जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए विभिन्न विकास एवं सुधार कार्यों पर करीब 38.17 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि को खर्च करने की मंजूरी रोगी कल्याण समिति की बैठक में दी गई। बैठक हमीर भवन में एडीसी अभिषेक गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें अस्पताल की व्यवस्थाओं और आगामी कार्ययोजना को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में अस्पताल की विभिन्न सेवाओं, सफाई व्यवस्था, भवन के रखरखाव एवं मरम्मत, ढांचागत विकास, अस्थायी सफाई कर्मचारियों के मानदेय सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए करीब 38.17 लाख रुपये के व्यय को मंजूरी दी गई। एडीसी अभिषेक गर्ग ने अस्पताल प्रबंधन को स्वीकृत राशि का समयबद्ध तरीके से उपयोग करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को जल्द बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
समिति के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में अस्पताल को विभिन्न सेवाओं के शुल्क, केमिस्ट शॉप के किराये और पार्किंग फीस से करीब 26.17 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है। पिछले वर्षों की शेष राशि को मिलाकर अस्पताल के पास करीब 1.07 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध होने की संभावना है। एडीसी ने इस राशि का मरीजों की सुविधाओं और अस्पताल के विकास के लिए उचित उपयोग सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अस्पताल की कुछ नई सेवाओं के लिए शुल्क निर्धारित करने तथा पहले से लागू कुछ शुल्कों में आंशिक बढ़ोतरी करने का निर्णय भी लिया गया।
इस दौरान पंचकर्मा तकनीशियन प्रशिक्षण को लेकर भी जानकारी दी गई। प्रदेश सरकार की योजना के तहत राज्य के 14 आयुर्वेदिक अस्पतालों में 256 युवाओं को पंचकर्मा तकनीशियन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। हमीरपुर जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में 16 युवाओं को यह प्रशिक्षण मिलेगा, जिसमें 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए होंगी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं के लिए आयुर्वेद, पर्यटन और स्वरोजगार के क्षेत्र में करियर के नए अवसर खुलेंगे।
रोगी कल्याण समिति ने कार्यकारी समिति के पुनर्गठन का प्रस्ताव आयुष विभाग के निदेशालय को भेजने का निर्णय भी लिया। बैठक में अस्पताल से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में जिला आयुर्वेदिक अस्पताल की मेडिकल अधीक्षक डॉ. वनीता शर्मा और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. चारू ने विभिन्न मदों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष अनीता शर्मा, डीआरडीए की परियोजना अधिकारी अस्मिता ठाकुर, जिला आयुष अधिकारी डॉ. तनूजा नागपाल सहित समिति के अन्य सरकारी और गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।