3 अगस्त: जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय केंद्र (एनकॉर्ड) समिति की बैठक सोमवार को पुलिस लाइन स्थित कामाक्षा हॉल में उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान, एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई, वित्तीय जांच और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की स्थिति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने नशा तस्करों के खिलाफ मंडी पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि जिले में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती और दृढ़ता के साथ जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज को मिलकर इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘अपना विद्यालय’ योजना के तहत गोद लिए गए विद्यालयों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाए। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी उन्होंने जोर दिया।
उपायुक्त ने जिले की सभी रेड ग्राम पंचायतों में नशा निवारण समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण विभाग, नगर निगम, नगर निकायों और पंचायतों के आपसी समन्वय से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को कहा। साथ ही, ड्रग्स फ्री हिमाचल ऐप के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने और इसे डाउनलोड करवाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान ‘भांग उखाड़ो अभियान’ की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अवैध भांग और अफीम की खेती की समयबद्ध पहचान कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से भी अपने क्षेत्रों में अवैध खेती अथवा नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया।
बैठक में बताया गया कि 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक मंडी पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत 207 मामले दर्ज किए और 323 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें अफीम व अफीम पौधे से संबंधित 5, हेरोइन/चिट्टा के 68, चरस के 112, एमडीएमए व अन्य सिंथेटिक मादक पदार्थों के 9 तथा अवैध भांग एवं पोस्त की खेती से जुड़े 13 मामले शामिल हैं।
वित्तीय जांच की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 49 मामले लंबित हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान 5 मामलों में आरोपियों की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है, जबकि एक मामले में संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया जारी है। पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत अब तक 34 मामले पुलिस मुख्यालय के माध्यम से सलाहकार बोर्ड को भेजे जा चुके हैं। वर्ष 2026 में अब तक 25 मामले पुलिस मुख्यालय भेजे गए हैं तथा 6 आरोपियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बैठक में बताया कि जुलाई माह के दौरान मंडी पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ दो बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए। 17 जुलाई 2026 को सदर मंडी थाना क्षेत्र में नाके के दौरान तीन आरोपियों से 5.535 किलोग्राम चरस और 568 ग्राम अफीम बरामद की गई। वहीं, 28 जुलाई 2026 को सुंदरनगर थाना क्षेत्र में नाके के दौरान दो आरोपियों के कब्जे से 143.180 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद किया गया।
उन्होंने कहा कि मंडी पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार कार्रवाई कर रही है और यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
बैठक में नगर निगम मंडी के आयुक्त डॉ. मदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।