25 जुलाई: हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर ने कहा कि आपदा के दौरान प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि समय पर प्रतिक्रिया, बेहतर समन्वय और पूर्व तैयारियां ही प्रभावी आपदा प्रबंधन की कुंजी हैं।
बचत भवन शिमला में आयोजित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की मानसून तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दीपक राठौर ने जिला प्रशासन की तैयारियों की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पंचायत में कम से कम पांच लोगों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भी चर्चा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एक मोबाइल ऐप विकसित कर रहा है, जिससे आपदा की सूचना कुछ ही सेकंड में राज्य और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र तक पहुंच सकेगी। ऐप का निर्माण अंतिम चरण में है और इसे जल्द लॉन्च किया जाएगा।
बैठक में उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने बताया कि जिला प्रशासन “आपदा सहनशील शिमला” बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहा है। इसके तहत जोखिम कम करने, राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने और प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले की 219 पंचायतों को पंचायत इमरजेंसी रिस्पांस योजना से जोड़ा गया है। 200 सुरक्षित आश्रय स्थल चिन्हित किए गए हैं तथा 550 ‘आपदा मित्र’ स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा पुलिस, होमगार्ड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर आधुनिक उपकरणों और संचार सुविधाओं से आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
प्रशासन के अनुसार 1 से 24 जुलाई 2026 के बीच प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित 99 संपर्क सड़कों में से 86, 136 बिजली ट्रांसफार्मरों में से 126 और 62 पेयजल योजनाओं में से 42 को बहाल किया जा चुका है। इस अवधि में प्राकृतिक आपदाओं में 16 लोगों की मृत्यु हुई तथा करीब 52.80 लाख रुपये की संपत्ति के नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया गया है। प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास कार्य प्राथमिकता के आधार पर जारी हैं।