7 जुलाई: भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 10 जुलाई को विशेष रूप से शिमला पहुंचेंगे। वह भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) स्थित राष्ट्रपति निवास में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ‘वंदे मातरम् : एक यात्रा’ शीर्षक से आयोजित विशेष प्रदर्शनी का भी शुभारंभ करेंगे।
‘सरदार पटेल की दृष्टि : एकीकरण, एकात्मता और संघवाद’ विषय पर यह अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 10 से 12 जुलाई तक आयोजित होगी। इसमें देश-विदेश के विद्वान, इतिहासकार, संवैधानिक विशेषज्ञ, शोधकर्ता और सार्वजनिक नीति से जुड़े विशेषज्ञ भाग लेंगे।
संगोष्ठी का उद्देश्य भारत के राजनीतिक एकीकरण के प्रमुख शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्र-निर्माण में योगदान को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना है। अपने दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने 560 से अधिक देशी रियासतों का शांतिपूर्ण एकीकरण कर आधुनिक लोकतांत्रिक भारत की मजबूत नींव रखी। संगोष्ठी में उनके विचारों और कार्यों को समकालीन सार्वजनिक नीति तथा राष्ट्र-निर्माण के संदर्भ में भी समझने का प्रयास किया जाएगा।
संगोष्ठी में देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित विद्वान भाग लेंगे। इनमें गीता धर्मपाल ऑनलाइन माध्यम से ‘इंटीग्रेशन ऐज़ धर्म: सरदार पटेल का गांधीवादी राज्य-शिल्प और भारत का निर्माण’ विषय पर व्याख्यान देंगी। वहीं लावण्या वेंमसानी हैदराबाद राज्य के एकीकरण में सरदार पटेल की भूमिका पर अपने विचार रखेंगी। इसके अलावा कुंदन सिंह ‘श्री अरविंद और सरदार पटेल’ विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान देंगे।