14 अगस्त: हिमाचल प्रदेश के हाटी समुदाय की लुप्तप्राय लोक परंपराओं को पुनर्जीवित करने और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए प्रसिद्ध लोक कलाकार जोगिंदर हब्बी को गुरुवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया।
विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में हब्बी को सिरमौर की हाटी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए पिछले तीन दशकों से अधिक समय से किए जा रहे उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। अंज भोज क्षेत्र के सांस्कृतिक कार्यकर्ता ओम प्रकाश ठाकुर ने बताया कि जोगिंदर हब्बी ने अपना जीवन लुप्त होती लोक कलाओं के संरक्षण और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए समर्पित किया है।
अपने गुरु और पद्मश्री से सम्मानित विद्यानंद सरैक के साथ हब्बी ने गिरी-पार क्षेत्र के हाटी समुदाय की पारंपरिक लोक कलाओं को दस्तावेजबद्ध करने, संरक्षित करने और लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से ‘थोड़ा’ जैसे प्रसिद्ध मार्शल नृत्य के साथ-साथ ‘हाटी की नाटी’, ‘सिंघटू’, ‘बढ़ल्टू’ और ‘डग्याली’ जैसी पारंपरिक नृत्य शैलियों को भी पहचान मिली है।
जोगिंदर हब्बी को मिला यह सम्मान सिरमौर की समृद्ध लोक संस्कृति और हाटी समुदाय की पारंपरिक कलाओं के संरक्षण के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के रूप में देखा जा रहा है।