18 जुलाई: जिला उद्योग केंद्र हमीरपुर ने 16 से 18 जुलाई तक खंड विकास अधिकारी कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) आयोजित किया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की 30 महिलाओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को व्यावसायिक अवसरों की पहचान, बाजार और ग्राहकों की समझ, लागत एवं मूल्य निर्धारण, लाभप्रदता, वित्तीय योजना, सरकारी योजनाओं, उद्यम पंजीकरण, डिजिटल उपकरणों तथा व्यवसाय संचालन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई।
समापन समारोह में खंड विकास अधिकारी रजत चौधरी ने कहा कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व्यवसायों के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने महिलाओं को एआई आधारित डिजिटल उपकरणों का उपयोग कर अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग, ब्रांडिंग और ग्राहकों तक प्रभावी पहुंच बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र बिलासपुर के महाप्रबंधक मनोज कुमार ने उद्योग विभाग की विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि विभाग महिला उद्यमियों और सूक्ष्म उद्यमों को स्थापित एवं विकसित करने के लिए लगातार सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। उन्होंने व्यवसायों में एआई की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के तीसरे दिन प्रतिभागियों को जनरेटिव एआई के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। महिलाओं ने मोबाइल फोन से उत्पादों की आकर्षक तस्वीरें तैयार करना, पोस्टर और सोशल मीडिया सामग्री बनाना, उत्पाद विवरण लिखना तथा डिजिटल मार्केटिंग के लिए निःशुल्क एआई टूल्स का उपयोग करना सीखा, जिससे वे अपने उत्पादों का प्रभावी प्रचार-प्रसार कर सकें।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को पारंपरिक आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़ाकर तकनीक-सक्षम, बाजार उन्मुख और आत्मनिर्भर उद्यमी के रूप में विकसित करना था। समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए और उन्हें सीखी गई तकनीकों को अपने व्यवसाय में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।