21 अप्रैल: हमीरपुर: विद्युत उपमंडल-2 हमीरपुर के सहायक अभियंता सौरभ राय ने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत पुराने बिजली मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और इसके लिए उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं डाला जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के संशोधित विनियम-2026 के अनुसार जिन क्षेत्रों में संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसके तहत अधिकृत अधिकारी या एजेंसी उचित सूचना देकर परिसर में प्रवेश कर मीटर की जांच, मरम्मत या प्रतिस्थापन कर सकती है।
सौरभ राय ने बताया कि हमीरपुर क्षेत्र में मीटर बदलने का कार्य अधिकृत एजेंसी ‘अप्रावा हमीरपुर स्मार्ट मीटर प्राइवेट लिमिटेड’ को सौंपा गया है। बावजूद इसके, कुछ उपभोक्ता कर्मचारियों को मीटर बदलने के लिए प्रवेश नहीं दे रहे हैं, जो नियमों के विरुद्ध है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद वर्तमान उपभोक्ताओं की बिजली दरों या सब्सिडी में कोई बदलाव नहीं होगा। मीटर बदलना एक सामान्य तकनीकी प्रक्रिया है और मीटर लाइसेंसी की संपत्ति होते हैं।
सहायक अभियंता ने सभी उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने में बाधा डालने पर विद्युत अधिनियम-2003 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें बिजली आपूर्ति का अस्थायी विच्छेदन भी शामिल है।