25 अगस्त: लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शिमला में श्यामार्क ब्रांड का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के व्यवसायियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों की नई पहचान बनाने के साथ व्यापक बाजार उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि मसाले, दालें, घी, सूखे मेवे, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पाद ई-मार्ट भारत के माध्यम से ऑनलाइन बेचे जा सकेंगे। इससे प्रदेश के स्वयं सहायता समूह हिमाचल के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों में भी अपने उत्पाद पहुंचा सकेंगे।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल ई-मार्ट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से ग्रामीण उत्पादकों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है। साथ ही शहरों में रहने वाले उपभोक्ताओं को गांवों के स्थानीय और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के हस्तशिल्प, कृषि और बागवानी उत्पादों की उचित पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग कर उन्हें राष्ट्रीय बाजार से जोड़ना जरूरी है। इससे स्थानीय उत्पादों की पहचान मजबूत होने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मंत्री ने कहा कि जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में स्वयं सहायता समूहों के लिए यह एक बड़ा अवसर है। उन्होंने समूहों से उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।
ई-मार्ट के संस्थापक अरुण वर्मा ने बताया कि प्लेटफार्म से उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ा जा चुका है। घी, दालें, हल्दी, गोबर के उपले और गौमूत्र सहित विभिन्न ग्रामीण उत्पादों को ऑनलाइन बाजार उपलब्ध करवाया जाएगा। देशभर में उत्पादों की आपूर्ति के लिए ब्लू डार्ट को डिलीवरी पार्टनर बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को घर बैठे कच्चा माल उपलब्ध करवाकर उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही एफएसएसएआई अथवा जीएसटी जैसी औपचारिकताएं पूरी करने में सक्षम न होने वाले ग्रामीण व्यवसायियों को भी अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
अरुण वर्मा ने कहा कि पहल का उद्देश्य उत्पादकों को उनकी अपनी पहचान के साथ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और उत्पादकों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा। वर्तमान में प्रदेश के 11 जिलों की करीब 2500 महिलाएं इस पहल से जुड़ चुकी हैं।
इस अवसर पर उपमहापौर उमा कौशल, आयुक्त नगर निगम शिमला सचिन कंवल, सदस्य राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग मोनिता चौहान, कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिमला इंद्रजीत सिंह, ब्लॉक कांग्रेस टूटू के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।