21 अगस्त: शाहपुर स्थित हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज़ में लॉ विभाग की ओर से विद्यार्थियों को कानूनी सहायता और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से निःशुल्क कानूनी सहायता विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांगड़ा के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम में अधिवक्ता नीलम जरियाल ने बतौर अतिथि वक्ता विद्यार्थियों को संबोधित किया। संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम मनहास ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।
व्याख्यान में अधिवक्ता नीलम जरियाल ने निःशुल्क कानूनी सहायता की अवधारणा, उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर तथा पात्र लोगों को न्याय दिलाने में विधिक सेवा व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (SALSA) और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की भूमिका एवं कार्यप्रणाली से भी अवगत करवाया।
उन्होंने सैद्धांतिक जानकारी के साथ कानूनी प्रावधानों के व्यावहारिक पहलुओं पर भी चर्चा की। मोटर वाहन अधिनियम, साइबर फ्रॉड, हिट एंड रन और सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों के उदाहरण देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों और आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को लेकर उन्होंने विद्यार्थियों से सतर्क रहने तथा ऐसी स्थिति में उचित कानूनी कदम उठाने का आह्वान किया।
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने का अवसर भी मिला। अधिवक्ता नीलम जरियाल ने उनके सवालों का सरल एवं व्यावहारिक तरीके से उत्तर देकर शंकाओं का समाधान किया। संवादात्मक सत्र से विद्यार्थियों को निःशुल्क कानूनी सहायता की प्रक्रिया और उसके व्यावहारिक उपयोग को समझने में मदद मिली।
कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी रहा। इससे उनमें कानूनी जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों तक न्याय एवं निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाने के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित हुई। अंत में संस्थान की ओर से अधिवक्ता नीलम जरियाल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांगड़ा का आभार व्यक्त किया गया।