10 जुलाई, तरसेम जरयाल: हिमाचल प्रदेश कॉलेज वोकेशनल महासंघ के पदाधिकारियों तथा प्रदेश के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत वोकेशनल प्रशिक्षकों, ऑफिस कोऑर्डिनेटरों और लैब अटेंडेंट्स के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को रैत स्थित कार्यालय में उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया से मुलाकात कर वेतन वृद्धि और नौकरी सुरक्षा से जुड़ी अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को उठाया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि प्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों में कार्यरत वोकेशनल स्टाफ पिछले कई वर्षों से कौशल विकास आधारित शिक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके बावजूद वेतन वृद्धि और सेवा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों का अब तक समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकार से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।
उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि इस विषय पर संबंधित विभाग से चर्चा कर उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उनके इस आश्वासन से प्रशिक्षकों में उम्मीद जगी है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कौशल विकास आधारित शिक्षा को लगातार बढ़ावा दे रही है। राजकीय महाविद्यालयों में संचालित बी.वॉक और अन्य वोकेशनल पाठ्यक्रमों के माध्यम से हजारों विद्यार्थी रोजगारपरक एवं तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों के विस्तार से अधिक छात्रों को कौशल आधारित शिक्षा का लाभ मिल रहा है।
महासंघ ने यह भी बताया कि केवल सिंह पठानिया ने पूर्व में बजट सत्र के दौरान बी.वॉक पाठ्यक्रमों को मुख्यधारा की शिक्षा में और अधिक सशक्त बनाने का मुद्दा भी प्रभावी ढंग से उठाया था। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि प्रदेश के वोकेशनल प्रशिक्षक, ऑफिस कोऑर्डिनेटर और लैब अटेंडेंट लगभग एक दशक से विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अहम योगदान दे रहे हैं। ऐसे में उनकी वेतन वृद्धि और नौकरी सुरक्षा की मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, कौशल विकास कार्यक्रम और प्रभावी होंगे तथा विद्यार्थियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
महासंघ ने मांगों के प्रति सकारात्मक रुख अपनाने और शीघ्र समाधान का आश्वासन देने के लिए उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया का आभार जताया। साथ ही विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश सरकार उनके लंबे अनुभव और योगदान को देखते हुए उनकी न्यायोचित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।