आवाज ए हिमाचल
परवाणू /28/04/2026 परवाणू की राजनीति में इन दिनों कांग्रेस की कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय हलकों में चर्चा है कि जबसे ठाकुर दास शर्मा ने कांग्रेस का साथ छोड़ा है, तबसे पार्टी कहीं न कहीं बैकफुट पर नजर आ रही है और उसकी गतिविधियों में खुलापन कम होता दिख रहा है। हाल ही में नगर परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची भी रात के समय, मीडिया से दूरी बनाकर जारी की गई, जिसने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया है। इससे पहले भी कांग्रेस की ओर से सिर्फ एक औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस देखने को मिली, लेकिन उसके बाद पार्टी लगातार मीडिया से दूरी बनाए हुए है। वहीं, स्थानीय विधायक विनोद सुल्तानपुरी की बैठकों को लेकर भी यही तस्वीर सामने आ रही है—सूत्रों के अनुसार बैठकें तो हो रही हैं, लेकिन वे चुपचाप और सीमित दायरे में, जहां मीडिया को दूर रखा जा रहा है। जानकारों की मानें तो यह सिर्फ रणनीति नहीं, बल्कि विकास के सवालों से बचने की कोशिश भी हो सकती है, क्योंकि परवाणू में लंबे समय से टूटी-फूटी सड़कों की हालत और सीवरेज सिस्टम की बदहाली जैसे मुद्दे लोगों की परेशानी बने हुए हैं। इतना ही नहीं, सेक्टर-4 में भाजपा द्वारा खोली गई आयुर्वेद डिस्पेंसरी को सरकार बनते ही बंद कर देने का मुद्दा भी समय-समय पर उठता रहा है, जिसे लेकर जनता के बीच सवाल कायम हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मीडिया के सामने आने पर इन सभी मुद्दों पर सीधे और तीखे सवाल उठ सकते हैं, जिनसे फिलहाल कांग्रेस दूरी बनाकर चल रही है। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या यह दूरी महज संयोग है या फिर एक सोची-समझी रणनीति—लेकिन चुनावी माहौल में यह चुप्पी खुद ही कई सवाल खड़े कर रही है।