17 अक्तूबर: राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने शुक्रवार को कांगड़ा जिले के जालग में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के शहीद एसआई मोहन सिंह की स्मृति में आयोजित दो दिवसीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। अनुराग शर्मा ने शहीद मोहन सिंह को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और प्रतियोगिता के आयोजकों एवं खिलाड़ियों को आयोजन के लिए बधाई दी।
दो दिवसीय इस प्रतियोगिता में आठ टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में विजेता टीम को 35 हजार रुपये नकद और ट्रॉफी, जबकि उपविजेता टीम को 25 हजार रुपये नकद और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर अनुराग शर्मा ने शहीद मोहन सिंह के जीवन और बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश की रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका बलिदान देशवासियों को राष्ट्रसेवा और वीरता की प्रेरणा देता रहेगा।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि वह केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल प्रदेश के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में केंद्रीय रेल मंत्री, पर्यटन मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और आयुष मंत्री से शिष्टाचार भेंट कर प्रदेश से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई है। इन बैठकों में प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा गया और संबंधित मंत्रियों की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन मिला है।
अनुराग शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नशे के विरुद्ध प्रभावी कदम उठा रही है। नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कानून बनाए गए हैं और इस दिशा में कार्रवाई करते हुए नशे के कारोबार में संलिप्त पाए गए कई लोगों को दंडित भी किया गया है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर खेलकूद, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करें और मोबाइल फोन का उपयोग ज्ञानवर्धक एवं रचनात्मक कार्यों के लिए करने की प्रेरणा दें।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनसे अनुशासन, टीम भावना, धैर्य और आत्मविश्वास जैसे गुण भी विकसित होते हैं। खेलों में हार और जीत दोनों का महत्व है। जीत आगे बढ़ने का उत्साह देती है, जबकि हार अपनी कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करने का अवसर प्रदान करती है।
उन्होंने जालग में इनडोर स्टेडियम के निर्माण से जुड़े विषय पर प्रदेश सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया, ताकि क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने ग्रामीण विकास, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक गतिविधियों में महिला मंडलों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का भी आश्वासन दिया।
इस अवसर पर अनुराग शर्मा ने वॉलीबॉल प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अधिक अवसर उपलब्ध करवाने के लिए खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना जरूरी है।
शहीद मोहन सिंह का जन्म 10 सितंबर, 1953 को जिला कांगड़ा के लंघा (जालग) गांव में हुआ था। वह पढ़ाई और खेलकूद में प्रतिभाशाली थे। उन्होंने 21 जनवरी, 1976 को सीमा सुरक्षा बल में भर्ती होकर देशसेवा का संकल्प लिया और बीएसएफ की 162वीं बटालियन में सेवाएं दीं।
14 मई, 2002 को अवकाश से लौटते समय वह पठानकोट-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस में यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान जम्मू के कालूचक्र में आतंकवादियों ने बस को घेर लिया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मोहन सिंह ने अदम्य साहस का परिचय दिया और एक आतंकवादी को पकड़ लिया। इसी बीच दूसरे आतंकवादी ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने के बावजूद उन्होंने आतंकवादी को नहीं छोड़ा और मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी स्मृति में हर वर्ष वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजित की जाती है।
इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी जयसिंहपुर संजीव कुमार, जिला परिषद सदस्य अभिलाषा, बीडीसी सदस्य ओम प्रकाश धीमान, जालग पंचायत प्रधान सपना भाटिया, उपप्रधान अशोक रकवाल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जालग के प्रधानाचार्य रजनीश अत्री, शहीद मोहन सिंह की पत्नी संसारो देवी और पुत्र अरुण पटियाल, शलभ अवस्थी, मास्टर सिरमौर कटोच, सुरेश जमवाल, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य संजय पटियाल, सेवानिवृत्त एसआई प्रवीण राणा और मनवीर कटोच सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।