19 जून : हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल पराशर में सरनाहुली पर्व के बाद फैली गंदगी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पर्व समाप्त होने के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा और शराब की खाली बोतलें मिलने से स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमी नाराज हैं।
16 जून को आयोजित सरनाहुली पर्व में हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे थे। कई लोग दो दिनों तक टेंट लगाकर क्षेत्र में रुके रहे। आयोजन खत्म होने के बाद मंदिर परिसर से करीब 20 मीटर के दायरे में प्लास्टिक कचरा, खाने-पीने का सामान और शराब की बोतलें बिखरी मिलीं।
स्थानीय युवक धूमल ठाकुर ने साथियों के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में शराब की खाली बोतलें और अन्य कचरा एकत्र किया गया। उनका कहना है कि हर साल मेले के बाद ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है और सफाई के लिए स्थानीय लोगों को आगे आना पड़ता है।
पराशर ऋषि देवता के गूर ने भी बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भारी भीड़ और लापरवाही के कारण झील और आसपास के क्षेत्र की पवित्रता प्रभावित हो रही है।
मंदिर कमेटी के प्रधान बलवीर ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेले को जिला स्तरीय दर्जा मिलने के बावजूद सफाई और सुविधाओं के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि धार्मिक स्थल की पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य सुरक्षित रह सके।