4 जून: राजकीय अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय, धर्मशाला में स्कूल शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय प्रधानाचार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम में बुधवार को चंबा, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिलों के 34 प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। ये सभी प्रधानाचार्य उन विद्यालयों से संबंधित हैं, जिन्हें जल्द ही हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) प्रणाली में स्थानांतरित किया जाना है।
कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा कि सरकार के लिए यह संतोष की बात है कि जिन विद्यालयों में पहले कोई जाना नहीं चाहता था, आज उन विद्यालयों को प्रधानाचार्यों ने स्वयं अपनी पसंद से चुना है। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत बताया।
प्रदेश सरकार चंबा के किलाड़ और तिस्सा, लाहुल-स्पीति के काजा तथा किन्नौर के रिकांगपिओ सहित कई दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों को सीबीएसई स्कूलों के रूप में विकसित कर रही है। इन विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग के अनुसार आगामी मंत्रिमंडल बैठक के बाद चयनित सीबीएसई विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के तबादलों का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा जाएगा। इससे इन विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।