गोविंद सागर झील व कोल डैम में जल गतिविधियों पर सख्त सुरक्षा नियम लागू, उल्लंघन पर कार्रवाई

3 मई: जिला बिलासपुर में संचालित सभी जल गतिविधियों को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा मानकों के तहत सख्त निर्देश जारी किए हैं। हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुई नौका दुर्घटना जैसे मामलों को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राहुल कुमार ने जन सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह दिशा-निर्देश लागू किए हैं।

जिला बिलासपुर में गोविंद सागर झील और कोल डैम जलाशय में नाव संचालन, जल क्रीड़ा, पर्यटन गतिविधियां और फेरी सेवाएं बड़े स्तर पर संचालित होती हैं, जिनमें पर्यटकों के साथ स्थानीय लोग भी शामिल रहते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीर खतरे के रूप में देखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत इन निर्देशों का पालन अनिवार्य किया गया है।

निर्देशों के अनुसार सभी जल गतिविधियों में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के लिए मानक लाइफ जैकेट पहनना जरूरी होगा। बिना लाइफ जैकेट किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। हर नाव या जलयान में पर्याप्त संख्या में लाइफ ब्वॉय, विभिन्न आकार के लाइफ जैकेट, सुरक्षा रस्सियां, प्राथमिक उपचार किट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखना अनिवार्य किया गया है। साथ ही नावों की क्षमता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी और तय सीमा से अधिक सवारियां नहीं बैठाई जाएंगी।

यह भी सुनिश्चित किया गया है कि केवल प्रशिक्षित और प्रमाणित कर्मियों की ही तैनाती हो। नाव संचालक, जल क्रीड़ा संचालक और लाइफगार्ड के पास तैराकी, बचाव कार्य और प्राथमिक उपचार से संबंधित वैध प्रमाणपत्र होना आवश्यक होगा। बिना प्रशिक्षण वाले व्यक्तियों की तैनाती पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

सभी नावों, इंजनों और उपकरणों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा और अनुपयुक्त पाए जाने पर उन्हें तुरंत संचालन से बाहर कर दिया जाएगा। प्रत्येक यात्रा से पहले पर्यटकों को सुरक्षा नियमों और आपात स्थिति से जुड़े निर्देशों की जानकारी देना भी अनिवार्य किया गया है।

महत्वपूर्ण जल स्थलों पर 24 घंटे बचाव दल, रेस्क्यू बोट, प्राथमिक उपचार और आपात संचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जल क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड भी लगाए जाएंगे और जोखिम वाले स्थानों पर गतिविधियों पर रोक रहेगी।

उपायुक्त राहुल कुमार ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई शामिल है।

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