एनआईटी हमीरपुर में ‘पिक्स-2026’ सम्मेलन संपन्न, पावर और एआई पर मंथन

4 जुलाई: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से दो और तीन जुलाई को द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘पावर एंड इंटेलिजेंट कंट्रोल सिस्टम्स’ (पिक्स-2026) का हाइब्रिड मोड में सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य पावर इंजीनियरिंग, कंट्रोल एवं ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध और तकनीकी प्रगति पर विचार-विमर्श के लिए शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और विद्यार्थियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना था।

सम्मेलन का आयोजन एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. एच.एम. सूर्यवंशी के संरक्षण में किया गया, जबकि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष डॉ. ओ.पी. राही सह-संरक्षक रहे। सम्मेलन में देश-विदेश से लगभग 590 शोध-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 95 शोध-पत्र विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत किए गए। इन सत्रों में पावर सिस्टम्स, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, कंट्रोल सिस्टम्स, रोबोटिक्स, इंटेलिजेंट कंट्रोल, मशीन लर्निंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में एआई, सिग्नल प्रोसेसिंग सहित कई उभरते विषयों पर शोध प्रस्तुत किए गए।

सम्मेलन के पहले दिन उद्घाटन सत्र, कीनोट व्याख्यान, आमंत्रित व्याख्यान और शोध-पत्र प्रस्तुति सत्र आयोजित किए गए। इस दौरान प्रो. पैट्रिक व्हीलर (यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम, यूके), प्रो. एन.पी. पाधी (एमएनआईटी जयपुर), प्रो. आशा रानी और प्रो. विजेंद्र सिंह (एनएसयूटी दिल्ली) सहित कई विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। दूसरे दिन आईआईटी धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा और एनआईटी वारंगल के निदेशक प्रो. बिद्याधर सुबुधि ने कीनोट व्याख्यान दिए, जबकि एनआईटी दिल्ली के प्रो. उज्ज्वल कुमार कल्ला ने आमंत्रित व्याख्यान प्रस्तुत किया।

सम्मेलन का समापन वैलेडिक्टरी सत्र के साथ हुआ, जिसमें वक्ताओं, सत्र अध्यक्षों, शोध-पत्र प्रस्तुतकर्ताओं, समीक्षकों, प्रतिभागियों और आयोजन समिति के सदस्यों के योगदान की सराहना की गई। सम्मेलन में चयनित एवं समीक्षित शोध-पत्रों को स्प्रिंगर की गुणवत्ता जांच के बाद स्प्रिंगर लेक्चर नोट्स इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग श्रृंखला में प्रकाशित किए जाने की योजना है। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि यह सम्मेलन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और संबंधित क्षेत्रों में शोध गतिविधियों तथा शैक्षणिक सहयोग को नई मजबूती प्रदान करेगा।

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