25 मई: साइबर ठग अब इंटरनेशनल स्कॉलरशिप के नाम पर छात्रों और अभिभावकों को निशाना बना रहे हैं। फर्जी ई-मेल, नकली यूनिवर्सिटी वेबसाइट और फेक वेरिफिकेशन कॉल के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। पुलिस और साइबर एजेंसियों ने इस तरह की धोखाधड़ी से सतर्क रहने की अपील की है।
जानकारी के अनुसार जालसाज छात्रों को संदेश भेजकर दावा करते हैं कि उनका चयन इंटरनेशनल स्कॉलरशिप के लिए हो गया है। ठग नामी विश्वविद्यालयों और संस्थानों के नाम व लोगो का इस्तेमाल कर संदेशों को असली जैसा दिखाने की कोशिश करते हैं।
ठगी के लिए “सीमित सीटें”, “अंतिम तिथि” और “तुरंत वेरिफिकेशन” जैसे शब्दों का उपयोग कर छात्रों पर जल्द फैसला लेने का दबाव बनाया जाता है। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस जमा करवाने, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम डिटेल या ओटीपी मांगा जाता है।
कई मामलों में छात्रों को फर्जी वेबसाइट पर आवेदन करवाकर उनकी निजी और बैंकिंग जानकारी चुरा ली जाती है। वहीं कुछ ठग खुद को विश्वविद्यालय अधिकारी बताकर फोन कॉल के माध्यम से भी पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं।
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी स्कॉलरशिप ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करें और संदिग्ध लिंक या कॉल से सावधान रहें।