10 जुलाई, तरसेम जरयाल : राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के बीबीए विभाग में नवप्रवेशित प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विभागीय गतिविधियों, व्यक्तित्व विकास तथा भविष्य के करियर अवसरों से अवगत कराना है।
कार्यक्रम के पहले दिन मुख्य वक्ता राज्य पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं अंग्रेजी विषय के विशेषज्ञ डॉ. नरेश शर्मा ने विद्यार्थियों को सफलता के मूल मंत्र बताए। उन्होंने कहा कि जीवन में केवल पुस्तकीय ज्ञान ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, प्रभावी संवाद कौशल, समय प्रबंधन और निरंतर सीखने की भावना भी सफलता के लिए जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास करने और हर अवसर का सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि कॉलेज जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता और जीवन मूल्यों को विकसित करने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन बनाए रखने तथा शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया।
बीबीए विभाग के समन्वयक डॉ. परवेश गिल ने विद्यार्थियों को विभाग की कार्यप्रणाली, पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यक्रम, औद्योगिक भ्रमण, इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और रोजगार की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर कड़ी मेहनत करने और हर चुनौती को अवसर में बदलने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर प्रो. मीनाक्षी सरोच, प्रो. सुजाता कौंडल, प्रो. धीरज कटोच और प्रो. ज्योति सिंह सहित विभाग के सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का पहला दिन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों के प्रेरक विचारों की सराहना करते हुए आगामी सत्रों में भी पूरे उत्साह और सक्रियता के साथ भाग लेने का संकल्प लिया।