9 जुलाई: प्रसूता मंजू शर्मा की मौत के मामले में एक बार फिर लोगों का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। बुधवार को कुल्लू के साथ-साथ मंडी जिले के सराज और द्रंग विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग जिला मुख्यालय कुल्लू पहुंचे और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। रैली में मंजू शर्मा के पति सतीश शर्मा, परिजन, रिश्तेदार और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों ने रथ मैदान से जनआक्रोश रैली निकाली, जो ढालपुर चौक होते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंची। यहां लोगों ने करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन कर मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। सामाजिक कार्यकर्ता बंटी सराजी और परिजनों के प्रतिनिधिमंडल ने एसपी से मुलाकात कर मामले की गंभीरता से जांच करने का आग्रह किया। इसके बाद रैली उपायुक्त (डीसी) कार्यालय पहुंची, जहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में संबंधित चिकित्सक के खिलाफ उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही बंटी सराजी और संजय के बंद किए गए सोशल मीडिया अकाउंट बहाल करने की भी मांग उठाई गई।
इस दौरान मंजू शर्मा के पति सतीश शर्मा भावुक हो गए और उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित चिकित्सक और दो नर्सों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो वह आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को बर्खास्त करने की मांग भी दोहराई।
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही क्षेत्रीय अस्पताल के 100 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी थी। इस क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रही, जिसके चलते प्रदर्शनकारी अस्पताल की ओर नहीं बढ़े। पूरे दिन अस्पताल परिसर और आसपास का क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि मंजू शर्मा को न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।