7 जुलाई: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की नोएडा यूनिट और पुलिस को मंगलवार सुबह बड़ी सफलता मिली। अंबेडकर नगर जिले के बीवाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी कुख्यात डकैत आसिफ उर्फ विक्की छैमार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक की पहचान आसिफ उर्फ विक्की छैमार पुत्र बाबू मजहर, निवासी मकनपुर, थाना बिठूर/बिल्हौर, जिला कानपुर के रूप में हुई है। वह लंबे समय से उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ स्थल से 32 बोर की पिस्टल, 12 बोर की पौनिया (देसी बंदूक), भारी मात्रा में कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, आसिफ अपने गिरोह के साथ घरों में घुसकर परिवार के सदस्यों को बंधक बनाता था और नकदी व जेवरात लूट लेता था। विरोध करने वालों की हत्या करने से भी वह नहीं चूकता था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में डकैती, हत्या और डकैती के दौरान हत्या समेत 21 से अधिक संगीन मामले दर्ज थे।
19 अक्टूबर 2023 को उसने सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र में अपने करीब 10 साथियों के साथ एक घर में डकैती डालकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। इसके अलावा वर्ष 2014 में जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में घर में घुसकर परिवार को बंधक बनाया, लाखों रुपये की नकदी और जेवरात लूटे तथा विरोध करने पर परिवार के पांच लोगों पर धारदार हथियार से हमला किया। इस हमले में स्वाति और सुमन की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। यह मामला प्रदेश के चर्चित डकैती और दोहरे हत्याकांडों में शामिल रहा।
वर्ष 2015 में कौशांबी जिले के कोखराज क्षेत्र में डकैती के दौरान अवनि कुमार टैगोर के माता-पिता की हत्या के मामले में भी वह वांछित था। वहीं मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र में महावीर सिंह के घर में डकैती के दौरान परिवार को बंधक बनाया और विरोध करने पर उनकी पुत्रवधू को गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसी रात गिरोह ने क्षेत्र के पांच अन्य घरों में भी डकैती की वारदातों को अंजाम दिया। 13 जनवरी 2021 को कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र में तासीम हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था।
पुलिस के अनुसार, आसिफ कई वर्षों से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एसटीएफ इस कार्रवाई को प्रदेश के सक्रिय और खूंखार डकैत गिरोहों के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है। पुलिस अब उसके गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।