उफनते नाले में देवदूत बने बीआरओ के जवान, एक्सक्वेटर से महिला मरीज को सुरक्षित पहुंचाया अस्पताल

2 जुलाई: लाहौल-स्पीति जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच इंसानियत की मिसाल पेश करने वाली एक घटना सामने आई है। जाहलमा नाले में अचानक पानी का बहाव तेज होने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था। ऐसे में गंभीर रूप से बीमार एक महिला का अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और अपनी सूझबूझ से एक्सक्वेटर (एलएनटी मशीन) की मदद से महिला को सुरक्षित नाला पार करवाकर उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

जानकारी के अनुसार बुधवार शाम को जाहलमा नाले में पानी का बहाव अचानक काफी बढ़ गया था। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीआरओ ने अस्थायी सड़क पर लगाए गए आरसीसी पाइप और पैदल आवाजाही के लिए बनाए गए गार्डर हटा दिए, जिससे नाले के आर-पार आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।

इसी दौरान शैनूर गांव की रहने वाली शांति देवी, जिनका इलाज उदयपुर सिविल अस्पताल में चल रहा था, की तबीयत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें छाती में संक्रमण था और सांस लेने में गंभीर दिक्कत हो रही थी। बेहतर उपचार के लिए उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू रेफर किया गया, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण एंबुलेंस आगे नहीं जा सकती थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीआरओ के जवानों ने एक्सक्वेटर मशीन की मदद ली। पूरी सावधानी के साथ महिला को मशीन के बकेट में बैठाकर उफनते जाहलमा नाले के पार पहुंचाया गया। दूसरी ओर पहले से मौजूद एंबुलेंस में शिफ्ट कर उन्हें तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के लिए रवाना किया गया।

इस पूरे रेस्क्यू अभियान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग बीआरओ के जवानों की तत्परता, साहस और मानवता की भावना की जमकर सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि कठिन परिस्थितियों में समय पर उठाए गए इस कदम ने एक गंभीर मरीज को सुरक्षित इलाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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