7 जून: हिमाचल प्रदेश बिजली पारेषण निगम लिमिटेड (एचपीपीएल) के पूर्व मुख्य अभियंता विमल नेगी की मौत के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की है। भाजपा प्रदेश महासचिव संजीव कटवाल ने कहा कि मामले से जुड़े तथ्यों और जांच एजेंसियों द्वारा सामने लाए गए बिंदुओं ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए कटवाल ने कहा कि यदि परियोजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड में कथित अनियमितताएं हुई हैं और नियमों की अनदेखी कर फैसले लिए गए हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक अधिकारी की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और सुशासन से भी जुड़ा हुआ है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यदि किसी अधिकारी पर दबाव बनाकर कार्य करवाया गया या आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया, तो यह शासन व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि कथित अनियमितताओं के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं और किन परिस्थितियों में निर्णय लिए गए।
गौरतलब है कि विमल नेगी 10 मार्च 2025 को लापता हो गए थे और 18 मार्च को उनका शव बिलासपुर जिले में बरामद हुआ था। परिजनों ने उस समय वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे, जिसके बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया था।
भाजपा ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वहीं, मामले की जांच और उससे जुड़े तथ्यों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।