12 मई: सोलन नगर निगम चुनाव में प्रचार अभियान अब जोर पकड़ने लगा है। कई वार्डों में कांग्रेस भाजपा पर बढ़त बनाती नजर आ रही है, जबकि भाजपा कुछ चुनिंदा वार्डों को छोड़कर अपने प्रचार अभियान को अपेक्षित गति नहीं दे पाई है। वार्ड नंबर-3 में कांग्रेस प्रत्याशी सरदार सिंह लगातार डोर-टू-डोर प्रचार कर जनता से संपर्क साध रहे हैं और क्षेत्र की पेयजल समस्या, कूड़े के ढेर, पार्किंग और गंदी नालियों जैसी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिला रहे हैं। पार्टी का समर्थन मिलने से उन्हें जनता का अच्छा प्रतिसाद भी मिल रहा है।
बताया जा रहा है कि पहले इस वार्ड पर भाजपा का कब्जा था, लेकिन मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों में नाराजगी बनी हुई है। वहीं, आजाद प्रत्याशी दीपिन बख्शी के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है, जिससे भाजपा को नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।
इस बार भाजपा में टिकट वितरण को लेकर भी अंदरूनी असंतोष देखने को मिला है। पार्टी विरोधी गतिविधियों और आजाद चुनाव लड़ने के चलते भाजपा ने चार कार्यकर्ताओं की सदस्यता समाप्त कर दी है। वार्ड नंबर-7, 8 और 10 में फिलहाल प्रचार अपेक्षाकृत धीमा नजर आ रहा है और दोनों प्रमुख दल रणनीति बनाने में जुटे हैं।
वार्ड नंबर-2 में कांग्रेस अभी मजबूत स्थिति में नहीं दिख रही है। यहां मुकाबला भाजपा की सुषमा शर्मा और आजाद प्रत्याशी रमेश बंसल (राजा भाई) के बीच माना जा रहा है। सुषमा शर्मा चार बार पार्षद रह चुकी हैं, लेकिन इस बार उन्हें कड़ी चुनौती मिल रही है। स्थानीय लोग क्षेत्र में कूड़ा प्रबंधन, नालियों की सफाई और पेयजल आपूर्ति जैसी समस्याओं को लेकर नाराज बताए जा रहे हैं।
वार्ड नंबर-5 में पिछले करीब 20 वर्षों से भाजपा समर्थित उम्मीदवार का दबदबा रहा है। इस बार भी कांग्रेस यहां संगठन और प्रचार दोनों स्तर पर ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाई है। कई वार्डों में दोनों दलों के बड़े नेता अपने पसंदीदा प्रत्याशियों के समर्थन में ही सक्रिय नजर आ रहे हैं।
उधर, भाजपा मंगलवार को सोलन नगर निगम चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी करेगी। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।