5 मई: भाजपा प्रदेश सचिव वंदना योगी ने शिमला में कांग्रेस नेत्री अलका लांबा द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण, परिसीमन (Delimitation) और जनगणना जैसे गंभीर विषयों पर देश की जनता को भ्रमित करने का संगठित प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर एक झूठा नैरेटिव गढ़ रही है, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
वंदना योगी ने कहा कि सबसे बड़ा भ्रम यह फैलाया जा रहा है कि प्रस्तावित संविधान संशोधन और परिसीमन के बाद दक्षिण भारत की लोकसभा में भागीदारी घट जाएगी।
“यह पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन दावा है—सच्चाई यह है कि दक्षिण भारत की राजनीतिक शक्ति कम नहीं, बल्कि बढ़ने जा रही है,” उन्होंने स्पष्ट किया।
उन्होंने विस्तृत आंकड़ों के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा—
कर्नाटक: वर्तमान 28 सीटें बढ़कर 42 होंगी, जबकि प्रतिनिधित्व लगभग समान रहेगा (5.15% → 5.14%)
आंध्र प्रदेश: 25 से बढ़कर 38 सीटें, प्रतिशत 4.60% से बढ़कर 4.65%
तेलंगाना: 17 से बढ़कर 26 सीटें, प्रतिशत 3.13% से बढ़कर 3.18%
तमिलनाडु: 39 से बढ़कर लगभग 59 सीटें, प्रतिशत 7.18% से बढ़कर 7.23%
केरल: 20 से बढ़कर 30 सीटें, प्रतिनिधित्व लगभग स्थिर (3.68% → 3.67%)
उन्होंने कहा कि इन सभी आंकड़ों से स्पष्ट है कि
“किसी भी राज्य की शक्ति घट नहीं रही है—बल्कि कुल मिलाकर दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व 23.76% से बढ़कर लगभग 24% तक पहुंच जाएगा।”
वंदना योगी ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि
“कांग्रेस जानबूझकर जनता को भ्रमित कर रही है, क्योंकि उसके पास न नीति बची है, न नीयत और न ही ठोस मुद्दे।”
महिला आरक्षण के विषय पर उन्होंने कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा—
“जब महिलाओं को 33% भागीदारी देने का ऐतिहासिक अवसर आया, तब कांग्रेस ने उसका विरोध किया, और आज वही पार्टी महिलाओं के अधिकारों की झूठी बात कर रही है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसा राजनीतिक संगठन है जो संगठनात्मक स्तर पर भी महिलाओं को 33% से अधिक भागीदारी देता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए वंदना योगी ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि आगामी जनगणना में जाति जनगणना भी शामिल होगी।
“जनगणना एक वैज्ञानिक और चरणबद्ध प्रक्रिया है—पहले मकानों की गणना होती है और उसके बाद व्यक्तियों की, ऐसे में कांग्रेस का भ्रम फैलाना केवल राजनीति है,” उन्होंने कहा।
डिलिमिटेशन कमीशन को लेकर उठाए गए सवालों पर उन्होंने कहा कि
“डिलिमिटेशन कमीशन एक्ट में कोई बदलाव नहीं किया गया है—यह वही कानूनी ढांचा है, जिसे पहले कांग्रेस सरकारों ने भी लागू किया था। अब उसी व्यवस्था पर सवाल उठाना उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।”
उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि
“जो लोग पहले इसी कानून का इस्तेमाल करते थे, आज वही उस पर संदेह जता रहे हैं—यह केवल राजनीतिक अवसरवाद है।”
वंदना योगी ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया तत्काल लागू नहीं होगी, बल्कि
“डिलिमिटेशन की रिपोर्ट संसद की स्वीकृति और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही लागू होगी, और 2029 से पहले इसका प्रभाव चुनावों पर नहीं पड़ेगा।”
अंत में उन्होंने कहा:
“कांग्रेस का पूरा एजेंडा केवल भ्रम फैलाने और जनता को गुमराह करने का है, लेकिन देश की जनता अब जागरूक है। भाजपा हर झूठ का जवाब तथ्यों, पारदर्शिता और स्पष्टता के साथ देती रहेगी।”
उन्होंने विश्वास जताया कि
“महिला सशक्तिकरण, निष्पक्ष प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए भाजपा के प्रयासों को देश की जनता का पूर्ण समर्थन मिलेगा।”