30 अप्रैल: धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के ढगवार में बन रहे 225 करोड़ रुपए के दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र को लेकर Sukhvinder Singh Sukhu ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने औचक निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को जुलाई तक हर हाल में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
बुधवार को अचानक निरीक्षण के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री ने मौके पर निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कार्य की धीमी रफ्तार और लापरवाही सामने आने पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई और स्पष्ट कहा कि सरकारी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और तय मानकों के पालन को लेकर जवाब-तलब किया। उन्होंने चेतावनी दी कि विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निर्माण कार्य को समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ढगवार का यह अत्याधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट प्रदेश के दुग्ध क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। संयंत्र की शुरुआती क्षमता प्रतिदिन 1.50 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण की होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। यहां दूध से दही, पनीर, घी और आइसक्रीम जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से प्रदेश के पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा। किसानों से सीधे दूध खरीद की व्यवस्था उनकी आय को मजबूत करेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।