6 मार्च : शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के ननखड़ी क्षेत्र से सटे देलठ और नालाबन के जंगलों में इन दिनों भीषण आग लगी हुई है। आग की लपटों ने कई हेक्टेयर हरे-भरे जंगलों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे बहुमूल्य वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, इस आग से क्षेत्र में रहने वाले वन्यजीवों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार जंगलों में लगी आग लगातार फैलती जा रही है, लेकिन समय रहते इसे बुझाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इसको लेकर ग्रामीणों में वन विभाग और प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिल रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब जंगल आग की चपेट में होते हैं, तब जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नजर नहीं आते। उनका कहना है कि कई बार आग बुझने के बाद ही अधिकारी मौके पर पहुंचते हैं और औपचारिकताएं पूरी कर लौट जाते हैं। इससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार, वन विभाग, स्थानीय निकायों और सामाजिक संस्थाओं को मिलाकर एक विशेष टीम बनाई जानी चाहिए, जो ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई कर सके और जंगलों को आग से बचाने के लिए प्रभावी योजना तैयार करे।
वहीं, स्थानीय लोगों ने यह भी आशंका जताई है कि जंगलों में बार-बार लगने वाली आग के पीछे मानवीय कारण या शरारती तत्वों की भूमिका हो सकती है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।