27 फरवरी: हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा है कि बिना वर्दी और बिना वैध वारंट किसी भी बाहरी राज्य की पुलिस द्वारा हिमाचल में आकर लोगों को हिरासत में लेना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरह कानून और संविधान के दायरे में है।
नाहन में समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री ने दिल्ली पुलिस द्वारा देर रात तीन लोगों को हिरासत में लेकर दिल्ली ले जाने के मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी राज्य की पुलिस को दूसरे राज्य में गिरफ्तारी करनी है, तो विधिवत वारंट, वर्दी और स्थानीय पुलिस को पूर्व सूचना देना अनिवार्य है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का दायित्व है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और नियमों से परे किसी भी कार्रवाई की अनुमति न दे। उन्होंने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सरकार संविधान के अनुरूप कार्य कर रही है।
बैठक के दौरान वन अधिकार अधिनियम, 2006 के क्रियान्वयन और राजस्व मामलों की भी समीक्षा की गई। जिला स्तर पर शिलाई उपमंडल के 29 मामलों को पात्र घोषित किया गया है। सिरमौर में विभाजन, सीमांकन, राजस्व सुधार और अन्य लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।