16 अक्तूबर: उपायुक्त जतिन लाल ने जिले के राजस्व अधिकारियों को राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती के सभी लंबित मामलों का निपटारा 15 दिसंबर तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का भी इस विषय पर विशेष फोकस है। ऐसे में सभी अधिकारी इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं और निर्धारित समयसीमा का पालन सुनिश्चित करें।
उपायुक्त वीरवार को उपायुक्त कार्यालय में राजस्व अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त इशांत जसवाल, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और जिले के अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
जतिन लाल ने निशानदेही और तकसीम के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने के साथ इंतकाल और जमाबंदी से संबंधित मामलों की पेंडेंसी कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और समयबद्ध तरीके से उनका समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
उपायुक्त ने विभिन्न विभागों की विकास परियोजनाओं और निर्माण कार्यों के लिए भूमि हस्तांतरण की स्थिति की उपमंडलवार समीक्षा भी की। उन्होंने लंबित मामलों को जल्द निपटाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि भूमि हस्तांतरण में देरी के कारण विकास कार्य प्रभावित न हों। पंचायतों की ओर से भूमि हस्तांतरण के लिए भेजे जाने वाले मामलों में खंड विकास अधिकारियों की अनुशंसाएं शामिल करने को भी कहा।
स्वामित्व योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले के उन सभी महालों के मानचित्र अपलोड करने का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, जहां यह प्रक्रिया लंबित है। उन्होंने जिले के 175 पटवार सर्कलों में कार्यरत पटवारियों को योजना के आगामी चरणों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देने तथा उनकी तकनीकी समस्याओं और शंकाओं का समाधान करने पर जोर दिया। चूना मार्किंग और ड्रोन मैपिंग का कार्य पूरा होने के बाद अगली प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने खराब स्थिति वाले पटवार भवनों के संबंध में प्रस्ताव भेजने को कहा, ताकि उनके सुधार के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्रवाई की जा सके।
बैठक में उपायुक्त ने आपदा के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए मकानों के लिए विशेष राहत पैकेज के तहत वितरित सहायता राशि की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने भूमिहीन परिवारों को सरकारी व्यवस्था के तहत दो और तीन बिस्वा भूमि उपलब्ध करवाने से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की। इसके अलावा एसडीएम न्यायालयों में लंबित अतिक्रमण संबंधी मामलों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने जिला जनगणना पुस्तिका तैयार करने के लिए डेटा संग्रह अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की। यह अभियान 5 नवंबर से एक माह तक चलेगा। इसमें पटवारियों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए 27 अक्तूबर को उनके लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।