15 अक्तूबर: विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने धर्मशाला स्थित वन विभाग कार्यालय में वन विभाग के अधिकारियों और ट्रैकिंग संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में त्रियूंड और करेरी सहित जिले के विभिन्न ट्रैकिंग स्थलों के विकास, पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा ट्रैकिंग संचालकों की समस्याओं पर चर्चा की गई। इस दौरान करेरी की ईको डेवलपमेंट कमेटी से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि कांगड़ा जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और प्रसिद्ध ट्रैकिंग स्थलों के कारण देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी पर्यटक पहुंचते हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, पंजाब और हरियाणा सहित कई राज्यों के पर्यटक इन स्थलों में विशेष रुचि दिखाते हैं। ट्रैकिंग गतिविधियों से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलता है और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके तहत पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
विधायक ने बताया कि करेरी ट्रैकिंग साइट के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। वहीं, त्रियूंड ट्रैकिंग मार्ग पर लगभग 30 लाख रुपये खर्च कर रास्ते को बेहतर बनाने और कैंपिंग स्थल तक पानी की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा गल्लू मार्ग पर भी करीब 10 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जिले में साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नड्डी में एशिया की सबसे बड़ी जिपलाइन स्थापित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि ट्रैकिंग स्थलों को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में बनाए रखने के लिए पर्यावरण संरक्षण और निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने ट्रैकिंग संचालकों और संबंधित संगठनों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आग्रह किया, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ प्राकृतिक संसाधनों को भी संरक्षित रखा जा सके।
उन्होंने ट्रैकिंग संचालकों की समस्याओं के समाधान के लिए वन विभाग और पर्यटन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैठक में सामने आए महत्वपूर्ण मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखा जाएगा। समस्याओं के समाधान और पर्यटन सुविधाओं में सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ आगे भी बैठकें की जाएंगी।
विधायक ने कहा कि धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। डल झील में पानी के रिसाव की समस्या दूर होने से इस वर्ष पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। झील में आरती की शुरुआत होने से पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए एक नया आकर्षण भी विकसित हुआ है।
उन्होंने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जिले में हवाई संपर्क बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। हवाई अड्डे का विस्तार होने से भविष्य में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
बैठक में मुख्य अरण्यपाल बासू कौशल, डीएफओ अमित शर्मा, डीएफओ मुख्यालय राहुल शर्मा, एसीएफ दौलत राम धीमान सहित वन विभाग के अधिकारी और ट्रैकिंग संचालक नीलेश सैणी, मदन लालहाल, रवि कुमार, विजय कुमार, लक्की कुमार, सोनू कुमार, गुलाब सिंह, गौरव और पुरुषोत्तम भट्ट उपस्थित रहे।