12 अक्तूबर, अभिषेक मिश्रा : बिलासपुर जिला के जुखाला क्षेत्र के अमरजीत कुमार ने कृषि विभाग में 27 वर्षों की सेवाओं के बाद एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्हें जाइका परियोजना फेस-2 के तहत राज्य प्रबंधन इकाई, हमीरपुर में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से जुखाला क्षेत्र का मान बढ़ा है।
अमरजीत कुमार ने वर्ष 1999 में कृषि प्रसार अधिकारी के रूप में अपने सेवाकाल की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में कृषि विकास, मृदा संरक्षण, कृषि विविधिकरण और जाइका परियोजना से संबंधित कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विशेष रूप से जुखाला और दावीं घाटी क्षेत्र में किसानों तक कृषि योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा सिंचाई सुविधाओं को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका सराहनीय रही है।
अपने सेवाकाल के शुरुआती वर्षों में अमरजीत कुमार ने वर्ष 1999 से 2005 तक सोलन जिला के मामू, ग्याना, धुन्धन और बाड़ीधार में कृषि प्रसार अधिकारी के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद उन्होंने शिमला जिला के चौपाल, हमीरपुर और सदर बिलासपुर में कृषि विकास अधिकारी प्रथम श्रेणी के रूप में कार्य किया।
वर्ष 2014 से 2016 तक उन्होंने जाइका परियोजना बिलासपुर में सेवाएं दीं। इसके बाद वर्ष 2016 से 2018 तक भू-सर्वेक्षण विभाग में कार्य किया और वर्ष 2018-19 में दोबारा जाइका परियोजना से जुड़े। वर्ष 2019 से 2026 तक उन्होंने आत्मा परियोजना कुल्लू और कृषि विभाग की विभिन्न इकाइयों में अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान वर्ष 2019 से 2022 तक डिप्टी प्रोजेक्ट अधिकारी, वर्ष 2022 से 2024 तक बिलासपुर में विषय वस्तु विशेषज्ञ और वर्ष 2024-25 में सब-डिविजनल मृदा संरक्षण अधिकारी के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने कृषि विभाग में विषय वस्तु विशेषज्ञ की जिम्मेदारी निभाई।
जाइका परियोजना के प्रथम चरण में कृषि विकास अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए अमरजीत कुमार ने जुखाला क्षेत्र की नलवाड़, कोटलू, काहली, करोट, परोही और राजपुरा योजनाओं के तहत किसानों को परियोजना की जानकारी देने और उन्हें इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से क्षेत्र के किसानों को कृषि विकास की विभिन्न संभावनाओं से जुड़ने का अवसर मिला।
जाइका परियोजना के दूसरे चरण में भी उन्होंने माकड़ी-मारकंड, भड़ोली, कम्लोटा, संगराना, नेरी और धुनी-पैंजैल की योजनाओं को परियोजना में शामिल करवाने के प्रयासों में सहयोग दिया। इसके अलावा सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्मित गसौड़ सिंचाई योजना को जाइका परियोजना से जोड़ने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। इन योजनाओं से दावीं घाटी के किसानों को सिंचाई सुविधाओं और कृषि विकास के अवसर उपलब्ध करवाने में मदद मिली। इससे क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहन देने और किसानों की आर्थिकी मजबूत करने की दिशा में भी योगदान मिला।
अमरजीत कुमार का परिवार भी लंबे समय से कृषि विभाग से जुड़ा हुआ है। उनके पिता ने वर्ष 1956 में कृषि विभाग में सेवाएं शुरू की थीं। इसके बाद उनके बड़े भाई राजेन्द्र सिंह ने भी कृषि विभाग में कृषि विज्ञान अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इस तरह परिवार की तीन पीढ़ियों का कृषि विभाग से जुड़ाव रहा है।
कृषि विभाग में 27 वर्षों के अनुभव, किसानों के हित में किए गए कार्यों और विभिन्न परियोजनाओं में योगदान के बाद अमरजीत कुमार को डिप्टी डायरेक्टर की जिम्मेदारी मिली है। उनकी इस उपलब्धि को जुखाला क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण माना जा रहा है।