30 सितम्बर: धर्मशाला में कांगड़ा और चंबा जिलों के किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हो गया। जिला उद्योग केंद्र, धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम में 28 एफपीओ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
भारत सरकार की रैम्प योजना के तहत उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित और सरकारी उपक्रम निटकाॅन लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित प्रशिक्षण का उद्देश्य एफपीओ को कृषि उत्पादन तक सीमित न रखकर प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और बाजार संपर्क के माध्यम से व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ 28 सितंबर को जिला उद्योग केंद्र, कांगड़ा के महाप्रबंधक ओम प्रकाश जरियाल ने किया। उन्होंने एफपीओ प्रतिनिधियों से प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बाजार संपर्क के माध्यम से आय के नए स्रोत विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मजबूत एफपीओ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रशिक्षण में निदेशक मंडल के सदस्यों, अध्यक्षों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और लेखाकारों सहित 28 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण सत्रों में एफपीओ संचालन, वित्तीय प्रबंधन, उत्पाद विकास, बाजार विस्तार, लागत निर्धारण और कार्यशील पूंजी जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई।
प्रतिभागियों को गतिविधि-आधारित लागत (एबीसी) लैब के माध्यम से प्रसंस्करण लागत निकालने और उत्पादों का उचित मूल्य निर्धारित करने का अभ्यास कराया गया। इसके अलावा मूल्य संवर्धन, खाद्य प्रसंस्करण, प्रसंस्करण मशीनरी, एफएसएसएआई और जैविक प्रमाणीकरण से संबंधित जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षण के तीसरे दिन पैकेजिंग, ब्रांडिंग, जीआई टैगिंग और ओएनडीसी जैसे डिजिटल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने की रणनीतियों पर जानकारी दी गई। विभिन्न एफपीओ ने अपने स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई, जिनका विशेषज्ञों ने अवलोकन कर गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार क्षमता में सुधार के सुझाव दिए।
कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक एफपीओ ने आगामी तीन वर्षों के लिए अपने व्यावसायिक विस्तार का कमर्शियल ब्लूप्रिंट भी तैयार किया। इसमें उत्पाद विस्तार, मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क और भविष्य के व्यावसायिक लक्ष्यों को शामिल किया गया।
समापन अवसर पर प्रमाणपत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। जिला उद्योग केंद्र, कांगड़ा के महाप्रबंधक ओम प्रकाश जरियाल ने सभी 28 प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए और प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को एफपीओ की व्यावसायिक गतिविधियों में लागू करने के लिए प्रेरित किया।