पनोह में नालसा की योजनाओं और पोषण के महत्व पर जागरूकता कार्यक्रम

28 सितंबर: जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हमीरपुर और बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) कार्यालय सुजानपुर के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को ग्राम पंचायत पनोह में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। नौवें पोषण माह के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने की। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सीडीपीओ कुलदीप सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और महिलाओं को संबोधित करते हुए कुलदीप शर्मा ने नालसा की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आम लोगों को न्याय सुलभ बनाने के लिए नालसा ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें मुफ्त कानूनी सहायता योजना प्रमुख है। एससी-एसटी वर्ग के लोग, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांग, आपदा पीड़ित, अत्याचार पीड़ित, श्रमिक, किन्नर, कैदी और तीन लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लोग इस योजना का लाभ लेने के पात्र हैं।

उन्होंने बताया कि पात्र व्यक्ति किसी भी न्यायालय परिसर में स्थापित फ्रंट ऑफिस में जाकर मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। मानव तस्करी के पीड़ितों, झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, नशे के जाल में फंसे लोगों तथा अत्याचार और तेजाब हमलों की शिकार महिलाओं की सहायता के लिए भी नालसा की ओर से योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं की जानकारी और सहायता के लिए नालसा की हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के दूरभाष नंबर 01972-224399 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

कुलदीप शर्मा ने महिलाओं और बच्चों के अधिकारों, शिक्षा के अधिकार, घरेलू हिंसा रोधी कानून, बाल विवाह रोधी कानून सहित महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित विभिन्न कानूनों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि अदालतों में लंबित मामलों का निपटारा मध्यस्थता, सुलह और आपसी सहमति के माध्यम से भी किया जा सकता है। इससे दोनों पक्षों के समय और धन की बचत होती है। इसी उद्देश्य से नालसा ने ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0’ अभियान शुरू किया है। इसके अलावा राष्ट्रीय लोक अदालतों के माध्यम से भी मामलों का त्वरित निपटारा करवाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान सीडीपीओ कुलदीप सिंह चौहान ने पोषण माह और इससे संबंधित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा किशोरियों का उचित पोषण सुनिश्चित कर उन्हें कई बीमारियों से बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 9 सितंबर से 8 अक्तूबर तक नौवां पोषण माह मनाया जा रहा है, जिसका मुख्य विषय ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान के लक्ष्यों को हासिल करने में आंगनवाड़ी केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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