14 अगस्त: लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शिमला के पुराने बस अड्डे से शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न रूटों के लिए 18 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही क्षेत्रवासियों की बसों की मांग पूरी होने से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य सभी क्षेत्रों का समान विकास सुनिश्चित करना है। शिमला ग्रामीण का अधिकांश हिस्सा शिमला शहर से सटा हुआ है। क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग नौकरी, कृषि और बागवानी से जुड़े हैं तथा उन्हें रोजाना शिमला शहर आना-जाना पड़ता है। लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस रूट बढ़ाने को लेकर परिवहन विभाग से चर्चा की गई है।
उन्होंने बताया कि एचआरटीसी के बेड़े में शामिल की गई 300 नई इलेक्ट्रिक बसों में से शिमला ग्रामीण को 30 बसें मिली हैं। इनमें से 18 बसों को विभिन्न रूटों पर रवाना कर दिया गया है, जबकि शेष 12 बसें जल्द ही सुन्नी से अलग-अलग रूटों पर संचालित की जाएंगी। एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर ये बसें करीब 150 किलोमीटर तक चल सकती हैं, इसलिए इन्हें छोटे रूटों पर चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिमला के आसपास के क्षेत्रों में लोगों, खासकर बुजुर्गों की सुविधा के लिए एचआरटीसी की छोटी बसों और टैक्सियों की संख्या बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। इसके अलावा निजी बसों के रूट भी निर्धारित किए जाएंगे, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा मिल सके।
मंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में करीब 650 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इनमें अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि कुछ कार्य प्रगति पर हैं। बरसात के दौरान सड़कों को यातायात के लिए बहाल रखने के लिए लोक निर्माण विभाग की मशीनरी लगातार काम कर रही है। आवश्यकता के अनुसार निजी मशीनरी भी लगाई गई है।
उन्होंने बताया कि तारकोल के दाम बढ़ने के कारण कई स्थानों पर मेटलिंग और टायरिंग का काम प्रभावित हुआ है। मानसून समाप्त होने के बाद विधानसभा क्षेत्रों की सड़कों की मेटलिंग और टायरिंग का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक के बाद छैला-यशवंत नगर-नेरीपुल सड़क के उन्नयन के लिए 203 करोड़ रुपये तथा रामपुर की टिक्कर-खमाड़ी सड़क के शेष हिस्से के उन्नयन के लिए 36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन सड़कों पर जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
नई इलेक्ट्रिक बसें शिमला से धामी वाया गवाही-कोहबाग, बरेठी, खटनोल, खटनोल वाया सुन्नी, चेवग, हरिदेवी-सेरी, धरोगड़ा, चनावग वाया पनोह, गवाही, डुमेहर, जलोग, चनावग, पनेहड़ा, चेबड़ी, अणु, नलावन और मलावन समेत विभिन्न रूटों पर चलेंगी। इन बसों के संचालन से शिमला ग्रामीण के लोगों को सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में हिमुडा उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, जिला परिषद सदस्य प्रियंका तंवर व अनीता शर्मा, बीडीसी अध्यक्ष टूटू जीत सिंह, पीसीसी महासचिव चंद्रशेखर शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर, बसंतपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल शर्मा, एडीसी शिमला सचिन शर्मा, एडीएम ज्ञान सागर नेगी, एसडीएम शहरी सनी शर्मा, एसडीएम ग्रामीण मनजीत शर्मा समेत एचआरटीसी और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।