20 मार्च: मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने हाल ही में अमरीका के सहयोगी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर हमले कर हालात को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने सऊदी अरब, कतर, कुवैत और यूएई के महत्वपूर्ण ऑयल और गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया।
सऊदी अरब के यानबू स्थित सामरेफ ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया गया, जबकि कतर के रास लफान गैस प्लांट में मिसाइल हमले के बाद आग लगने की खबर है। इस घटना से गैस सप्लाई पर लंबा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा कुवैत और यूएई के कई ऊर्जा ठिकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा है कि यह कार्रवाई उनके ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों का जवाब है और यदि दोबारा हमला हुआ तो जवाब और भी कड़ा होगा।
वहीं, अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए हमले की जानकारी अमरीका को पहले से नहीं थी। उन्होंने ईरान द्वारा कतर पर किए गए हमले को अनुचित बताया और चेतावनी दी कि यदि हालात और बिगड़े तो अमरीका कड़ी प्रतिक्रिया दे सकता है।
गौरतलब है कि ‘साउथ पार्स फील्ड’ दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र है, जो ईरान के कुल गैस उत्पादन का बड़ा हिस्सा प्रदान करता है।
इसी बीच खबर है कि अमरीका ईरान के तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देने पर विचार कर सकता है, ताकि वैश्विक बाजार में सप्लाई बढ़ाई जा सके और कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।