25 अगस्त: उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कृषि में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों के प्रति जागरूक कर अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ने के प्रयास किए जाने चाहिए।
उपायुक्त मंगलवार को मंडी में धरती माता बचाओ निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने जिले की चिन्हित 100 ग्राम पंचायतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन पंचायतों में किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं सीमित उपयोग के साथ-साथ प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने कहा कि पहले से प्राकृतिक या जैविक खेती कर रहे प्रगतिशील किसानों को आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए, ताकि उनके सफल अनुभव दूसरे किसानों तक पहुंच सकें। इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
उपायुक्त ने परियोजना निदेशक आत्मा और कृषि विज्ञान केंद्र मंडी के अधिकारियों को चिन्हित पंचायतों में किसानों तथा आम लोगों के लिए अधिक से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। शिविरों में प्राकृतिक खेती की तकनीकों, जैविक खाद के उपयोग, मृदा स्वास्थ्य तथा रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे। बैठक का संचालन उपनिदेशक कृषि राम चंद्र चौधरी ने किया। उन्होंने जिले में धरती माता बचाओ अभियान के तहत चल रही विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों से समिति को अवगत करवाया।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी गोपाल चंद, सोनल गुप्ता, डीपीडी आत्मा, ओम चंद वर्मा, जिला अंकेक्षक अधिकारी, इफको के एरिया मैनेजर रोहित ग्लोटिया सहित धरती माता बचाओ निगरानी समिति के सदस्य उपस्थित रहे।