धर्मशाला में 19 करोड़ से बनेगा राज्य का पहला रिमोट सेंसिंग केंद्र

17 अगस्त: कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने स्वतंत्रता दिवस पर धर्मशाला के पुलिस मैदान में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण कर मार्च पास्ट की सलामी ली। इससे पहले उन्होंने शहीद स्मारक पहुंचकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और वीर सैनिकों के त्याग को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है और प्रदेश के जवानों ने देश की रक्षा में अदम्य साहस की मिसाल कायम की है।

कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि और बागवानी हिमाचल की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना शुरू की गई है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का समर्थन मूल्य 80 रुपये, मक्की का 50 रुपये और कच्ची हल्दी का 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है।

उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए धर्मशाला में करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से राज्य का पहला रिमोट सेंसिंग एवं डेमोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम केंद्र स्थापित किया जाएगा। केंद्र सरकार के सहयोग से बनने वाले इस हाईटेक केंद्र में मौसम, भूमि, फसल और प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित डिजिटल डेटा तैयार किया जाएगा। इससे किसानों को समय पर वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और विभागीय कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनेगी।

प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि पशुपालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाई जा सकती है। सरकार दूध खरीद, दुग्ध प्रसंस्करण और मूल्यवर्धित उत्पादों को बढ़ावा दे रही है। गाय के दूध का खरीद मूल्य 61 रुपये और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है। कांगड़ा के ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक दुग्ध संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि फल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सात जिलों में एचपी शिवा परियोजना लागू की जा रही है। परियोजना के प्रथम चरण में निर्धारित 3,000 हेक्टेयर लक्ष्य में से 2,612 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा चुका है।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के 156 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न लागू किया गया है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है और आधुनिक चिकित्सा मशीनरी व उपकरणों की खरीद पर करीब 3,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

कृषि मंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सरकार ने ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ शुरू किया है। उन्होंने युवाओं से स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर देश और प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

समारोह में विभिन्न टुकड़ियों ने आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जरूरतमंद एवं पात्र लोगों को सहायक उपकरण वितरित किए गए और स्वतंत्रता सेनानियों तथा शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्वतंत्रता सेनानी एवं सैनिक परिवारों के सदस्य, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

Social Sharing

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *