3 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत अब ठेकेदारों को काम उनकी तकनीकी और वित्तीय क्षमता के आधार पर ही दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में यह बात कही।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कई सड़क परियोजनाएं तय समय से पीछे चल रही हैं, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में काम की रफ्तार धीमी है। ऐसे में अब ठेकेदारों की क्षमता की कड़ी जांच की जाएगी और काम में देरी होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो ठेकेदार समय सीमा के भीतर काम पूरा नहीं करेंगे, उनके ठेके रद्द किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार के दौरान कुछ परियोजनाएं ऐसी शर्तों के साथ दी गई थीं, जिन्हें कई ठेकेदार समय पर पूरा नहीं कर पाए।
विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, PMGSY-III (2023-24) के तहत देहरा क्षेत्र में कई सड़क परियोजनाएं अभी अधूरी हैं। कुछ परियोजनाएं 70 प्रतिशत तक पूरी हुई हैं, जबकि कई 50 प्रतिशत या उससे कम पर रुकी हुई हैं। इन सभी कार्यों को जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विभाग ठेकेदारों के आपसी विवादों में हस्तक्षेप नहीं करेगा, लेकिन काम समय पर पूरा करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, कई विधायकों ने सड़कों के अधूरे काम, धूल प्रदूषण और खराब स्थिति को लेकर चिंता जताई। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी विभाग को तुरंत कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का कहना है कि अब सख्त निगरानी और नियमों के जरिए सड़क परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सुनिश्चित किया जाएगा।